कांग्रेस के नए झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने राज्य में कांग्रेस को सशक्त करने का मोर्चा संभाल लिया है। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में पार्टी को लेकर अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह मेरी झारखंड यात्रा है और मेरी प्राथमिकता यही है कि मैं अपनी पार्टी से फीडबैक लूं, उनके साथ बातचीत करूं, जिसके बाद भविष्य को लेकर रणनीति तैयार की जाएं।
पार्टी के कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे- गुलाम
गौरतलब हैं कि झारखंड के दो दिवसीय दौरे पर हैं, जहां उनका जिला अध्यक्षों और अन्य नेताओं सहित राज्य के कांग्रेसी नेताओं के साथ कई दौर की बैठकने करने का कार्यक्रम हैं। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वह सबसे पहले अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से मिलेंगे, अगर जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। झारखण्ड कांग्रेस प्रभारी के स्वागत में राज्य कांग्रेस के कई बड़े नेता पहुंचे थे। पार्टी प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कहा कि वह मंगलवार शाम कांग्रेस भवन में पार्टी के जिला अध्यक्षों और प्रभारियों से मुलाकात करेंगे।
भाजपा का दावा- राज्य में बदल सकता है सीएम
इसी बीच, राज्य जमीन घोटाले मामले में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की तरफ से सातवां समन जारी होने के बाद उनकी पार्टी के विधायक सरफराज अहमद ने इस्तीफा दे दिया।अब इसे लेकर झारखंड में अचानक ही मुख्यमंत्री बदलने पर चर्चा होने लगी है। दरअसल, भाजपा ने दावा किया कि सीएम हेमंत सोरेन अपनी पत्नी कल्पना को झारखंड का नया सीएम बनाने की तैयारी में हैं। भाजपा के अनुसार, कल्पना को चुनाव लड़वाने के लिए ही सरफराज की सुरक्षित सीट को खाली करवाया गया है।
बाबूलाल मरांडी ने दिया राबड़ी देवी का उदाहरण
कल्पना सोरेन के मुख्यमंत्री बनने के दावों पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने लालू यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी का उदाहरण दिया है। उन्होंने कहा, 'झारखंड में भी बिहार के जंगल राज को दोहराने की कोशिश हो रही है। चारा घोटाले मामले में जेल जाने से पहले लालू यादव ने भी अपनी पत्नी राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री बनाए थे। जेल आते-जाते उनकी पूरी उम्र निकल गई। अब आदिवासियों की जमीन-जायदाद लूटकर धन-दौलत जमा करने वाले हेमंत सोरेन के भी सारे पैतरे फेल हो चुके हैं, इसलिए वह अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बनाकर जेल जाना चाहते हैं।'