झारखंड के रांची में बुधवार शाम रिटायर्ड डीएसपी विद्दू भूषण द्विवेदी के घर में बदमाशों ने घर में घुसकर फायरिंग की। विद्दू भूषण पशुपालन घोटाले के मुख्य गवाह हैं। उन्होंने आशंका जताई कि घोटालेबाजों ने उन पर जानलेवा हमला करवाया है।
द्विवेदी व उनकी पत्नी राजश्री को जान से मारने के लिए बदमाशों ने उन पर तीन राउंड फायरिंग भी की। दोनों बाल-बाल बच गए। मौके से 9 एमएम के कारतूस का एक खोखा बरामद हुआ है।
घर में घुसकर की फायरिंग
जानकारी के मुताबिक विद्दू भूषण अपने घर पर थे। तभी कुछ लोग उनके घर घुस आए और बंदूक की नोक पर उनके घर में कागजात वगैरह तलाशने लगे। उन्होंने कुछ जरूरी कागज और नकदी लूट ली। विरोध करने पर पूरे घर में फायरिंग करके फरार हो गए।
इन मामलों में हैं गवाह
आरसी 68ए, आरसी 64ए, आरसी 38ए मामले में विद्दू मुख्य गवाह हैं। वह आरसी 20ए में भी गवाह थे जिसमें लालू प्रसाद, जगन्नाथ मिश्र सहित कई आरोपियों को सजा हो चुकी है।
पहले भी हो चुका है हमला
1992 में विजिलेंस में इंस्पेक्टर पद पर तैनात द्विवेदी घोटाले की जांच कर रहे थे। 24-05-92 को उन्होंने विजिलेंस के तत्कालीन डीजीपी गजेंद्र नारायण को मामले की रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें लालू प्रसाद, जगन्नाथ मिश्र और अन्य पर घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया था। 1996 में उनके एचईसी के सेक्टर-2 में क्वाटर नंबर ई-55 में बम और गोलियों से हमला हुआ था।