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मनी लांड्रिंग केस : झारखंड के पूर्व मंत्री को 7 साल की सजा

Tue, 31 Jan 2017 03:30 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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हरि नारायण राय
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झारखंड के पूर्व मंत्री हरिनारायण राय को झारखंड की एक विशेष अदालत ने मनी लांड्रिंग केस में दोषी पाते हुए 7 साल की कड़ी सजा सुनाई है।अदालत ने राय पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। माना जा रहा है कि 12 साल पहले लागू हुआ पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग ) एक्ट के बाद यह पहला मामला है।
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प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट 2002 में बनाया गया था। गौरतलब है कि ईडी ने हरि नारायण राय के खिलाफ सितंबर 2005 में आय से अधिक संपत्ति के मामले में केस दर्ज किया था। ईडी ने तीन चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किये थे।

राय पर आरोप था कि 2005 से 2008 के बीच उन्होंने अवैध तरीके से 4 करोड़ 33 लाख 77 हजार रुपए की प्रॉपर्टी बनाई। इसके लिए रिश्तेदारों और दोस्तों के नाम पर इन्वेस्टमेंट किया। इस मामले में ईडी ने पहली बार 11 दिसंबर 2009 को कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी। इसके बाद 9 मार्च 2011 और 25 मई 2016 को भी अलग-अलग चार्जशीट दायर की गईं।  
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हरि नारायण राय
मनी लांड्रिंग केस के चलते हरिनारायण राय करीब तीन साल जेल में रह चुके हैं। इस केस में पहले उन्हें पांच साल की सजा हुई थी। वे करीब तीन साल जेल में काट चुके है और अब सात साल की सजा हुई है, इसलिए अब चार साल और उन्हे जेल में रहना पड़ सकता है।
 
तत्कालीन मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की सरकार के दौरान मंत्री रहे हरिनारायण और मुख्यमंत्री मधु कोड़ा पर 2.72 करोड़ की मनी लांड्रिंग मामले में दोषी पाए गए हैं। राय पर अपने रिश्तेदार के नाम पर अवैध तरीके से 3.72 करोड़ रुपए इन्वेस्टमेंट करने का आरोप था।

अधिकारियों के मुताबिक, यह एक ऐतिहासिक निर्णय है, क्योंकि 12 साल पहले लागू हुआ पीएमएलए एक्ट के बाद यह पहला मामला है जिसमें किसी दोषी को सजा सुनाई गई है। राय को प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट की धारा 3 और धारा 4 के तहत 7 साल की सजा सुनाई गई और 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। 
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