आमतौर पर सामान खरीदने और पैसे के भुगतान के बाद दुकानदार छुट्टा नहीं होने पर टॉफी या कोई और सामान पकड़ा देते हैं। यह आपके साथ भी हुआ होगा। लेकिन झारखंड में ऐसा करना एक दुकान को भारी पड़ गया। जिला प्रशासन ने शिकायत के बाद दुकान पर 50 हजार रूपये का जुर्माना लगाया।
खबरों के मुताबिक झारखंड के कई शहरों से यह शिकायत मिलती रही है कि बाजार में खुदरा और सिक्कों की भरमार भरमार है। लेकिन दुकानदार सिक्के का प्रयोग नहीं करते और खरीदार द्वारा सिक्का दिए जाने पर लेने से भी इनकार करते हैं। बाजार में ऐसा माहौल बना दिया गया है कि मानो सिक्के का चलन ही अब खत्म हो चुका हो।
रिजर्व बैंक, सरकार और प्रशासन द्वारा सिक्के के प्रयोग के लिए कई बार ताकीद की गई। बावजूद इसके दुकानदारों और मॉल के संचालकों ने इसमें कोई रुचि नहीं दिखाई और सिक्के की उपेक्षा होती रही।
लेकिन
झारखंड के हजारीबाग जिला प्रशासन ने एक कड़ा कदम उठाते हुए एक बड़े रिटेल चेन के शॉपिंग मॉल पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। हजारीबाग प्रशासन की इस दंडात्मक कार्रवाई के बाद दुकानदारों और व्यवसायियों में हड़कंप मच गया है। सिक्के के बदले टॉफी पकड़ाने वाले सकते में आ गए हैं।
हजारीबाग में विशाल मेगा मार्ट में खरीदारों को भुगतान के बाद खुदरा लौटाने की बजाए टॉफी पकड़ा दी जा रही थी। एक जागरूक ग्राहक ने इस संबंध में सदर एसडीओ कार्यालय में इसकी शिकायत कर दी। सदर एसडीओ आदित्य रंजन ने शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की। पहले धारा 133 के तहत विशाल मेगा मार्ट को नोटिस भेजा गया। लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विशाल मेगा मार्ट पर सदर एसडीओ ने 50 हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया।
साथ ही सदर एसडीओ ने कारोबारियों और व्यवसायियों को चेतावनी दी है कि अगर ग्राहकों को खुदरा देने की बजाए जबर्दस्ती कोई सामान पकड़ाया गया, तो उनके दुकान और प्रतिष्ठान सील किए जा सकते हैं।