झारखंड के जमशेदपुर में गोमो-चक्र धरपुर सवारी गाड़ी में छेड़खानी का विरोध करने पर युवकों ने लड़की के पूरे परिवार को ट्रेन से बाहर फेंक दिया।
फेंके जाने के बाद घायल घंटों तक रेल पटरी के किनारे पड़े रहे। बाद में स्थानीय गांव वालों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
इस ट्रेन में परिवार के तीनों सदस्य कंचन कुमार, उनके पुत्र संत कुमार और बहू कांति देवी बिलासपुर जाने के लिए चढ़े थे।
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यहां पहले से बोगी में मौजूद नशे में धुत्त युवकों ने कांति देवी से छेड़खानी शुरू कर दी। छेड़खानी का विरोध करने पर युवकों ने तीनों को चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया।
तीनों गंभीर रूप से घायल अवस्था में करीब दो घंटे तक रेल पटरी के किनारे पड़े रहे। रात लगभग 12 बजे स्थानीय गांव मुंडाटांड़ के ग्रामीणों ने उन्हें देखा और अस्पताल पहुंचाया।
पीड़ित के मुताबिक वे सोमवार को अपने बेटे व बहू के साथ गोमो पैसेंजर ट्रेन से छत्तीसगढ़ जा रहे थे। जनरल बोगी में सवार कुछ युवकों ने बहू के साथ छेड़खानी शुरू कर दी। इसका विरोध करने पर उन तीनों को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया गया।