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पूजा सिंघल मामला: पूर्व सीएम रघुवर दास की मांग, मुख्यमंत्री सोरेन के खिलाफ भी हो कार्रवाई 

Thu, 12 May 2022 11:01 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

पूजा सिंघल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार मनरेगा के गबन से जुड़ा है। वह अब ईडी की हिरासत में हैं।
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Raghubar Das - फोटो : PTI
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विस्तार
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मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड के खनन सचिव पूजा सिंघल की गिरफ्तारी के एक दिन बाद भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुरुवार को राज्य के खनन मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वर्तमान में खनन विभाग संभाल रहे हैं। यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दास ने कहा कि अगर राज्य के खनन सचिव को उनकी गिरफ्तारी के बाद निलंबित कर दिया गया है, तो खान मंत्री को क्यों नहीं? झारखंड सरकार ने गुरुवार को अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील नियम, 1969) के प्रावधानों के तहत पूजा सिंघल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

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सत्तारूढ़ झामुमो ने कहा कि राज्य सरकार उन सभी कथित घोटालों की जांच कर रही है, जो 2000 में झारखंड के गठन और भाजपा के सत्ता में आने के बाद हुए थे। पूजा सिंघल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार मनरेगा के गबन से जुड़ा है। वह अब ईडी की हिरासत में हैं। दिसंबर 2014 से दिसंबर 2019 तक झारखंड के मुख्यमंत्री रहे दास ने भी सोरेन को यह जांच करने की चुनौती दी कि क्या उनके कार्यकाल के दौरान कोई घोटाला हुआ था।

झारखंड मुक्ति मोर्चा का आरोप है कि खनन सचिव के खिलाफ ईडी की कार्रवाई रघुबर दास के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए घोटाले से जुड़ी है, जिसने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी। सोरेन ने बुधवार को कहा था कि पूजा सिंघल को क्लीन चिट देने वालों की जांच होनी चाहिए। झामुमो के आरोप पर एक सवाल के जवाब में दास ने कहा कि अगर मेरे कार्यकाल में कोई घोटाला हुआ और उस समय सिंघल बच गईं तो सरकार जांच क्यों नहीं करती? पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पूजा सिंघल पर लगे आरोपों की जांच के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी। समिति को सिंघल के खिलाफ सबूत नहीं मिले होंगे। इसलिए क्लीन चिट दे दी गई। उन्होंने कहा कि इसमें मुख्यमंत्री की कोई भूमिका नहीं थी।
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