दो दिन पहले जहां पूरा देश फादर्स डे मना रहा था वहीं रांची के पुरुषों ने हाथों में तख्तियां लेकर एक अलग रैली निकाली। काफी संख्या में पहुंचे पुरुषों के इस जत्थे ने राजभवन के सामने नारेबाजी कर अपना विरोध जताया।
असल में ये पत्नी पीड़ित पतियों का वो एक समूह था जो दहेज विरोधी कानून के विभिन्न मामलों में फंसे हुए थे। इनकी पत्नियों ने इन पर दहेज उत्पीड़न के मामले दर्ज करा रखे हैं, जिन्हें झूठा बताते हुए इन पुरुषों ने इस खत्म करने की मांग की।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार सेव इंडियन फैमिली फाउंडेशन के बैनर तले पहुंचे इन लोगों ने तटस्थ लिंग कानून की मांग की जिससे पुरुषों के मामलों को भी सुना जा सके।