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देवघर रोपवे हादसा: बचाव कार्य के दौरान हेलीकॉप्टर से गिरा शख्स, 15 लोग अभी भी फंसे, अंधेरे के चलते रुका अभियान

Tue, 12 Apr 2022 12:27 AM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देवघर

सार

झारखंड के देवघर में रविवार को हुए त्रिकूट रोपवे हादसे में अब तक 38 लोगों को बचाया जा चुका है। वहीं, बचाव कार्य के दौरान सोमवार को एक व्यक्ति खाई में गिर गया, जिसके चलते उसकी मौत हो गई।
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देवघर रोपवे हादसा - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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झारखंड के देवघर में रविवार को हुए रोपवे हादसे में बचाव कार्य के दौरान सोमवार को एक व्यक्ति की मौत हो गई। दरअसल, बचाव अभियान के दौरान रोपवे की ट्रॉली में फंसे एक व्यक्ति को निकालते समय वह नीचे गिर गया। अंधेरा बढ़ने की वजह से फिलहाल बचाव कार्य रोक दिया गया है। जानकारी के अनुसार अब तक 32 लोगों को बचा लिया गया है और 15 लोग अभी भी फंसे हुए हैं। 

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भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक, रोपवे घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देवघर के हालात पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह के साथ बचाव कार्यों पर चर्चा की है।

देवघर में त्रिकुट के पास हुए रोपवे दुर्घटना पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट कर कहा, "बच्चों सहित 14-15 लोग लगभग चार ट्रॉलियों में फंस गए हैं। भारतीय सेना बचाव अभियान पर सक्रिय रूप से काम कर रही है ... हम कल तक निश्चित रूप से सभी को बचा लेंगे। राज्य के पर्यटन मंत्री, वरीय पदाधिकारियों समेत देवघर जिला प्रशासन की पूरी टीम मौके पर मौजूद है। गरुड़ कमांडो, एनडीआरएप की टीम, आईटीबीपी एवं भारतीय सेना के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ लोगों को बचाने हेतु कार्य कर रहे हैं। तड़के सुबह फिर पूरे जोश से फंसे लोगों को सकुशल नीचे उतारने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। फंसे लोगों के परिजनों से धैर्य बनाए रखने की गुजारिश करता हूं। मैं स्थिति पर लगातार नजर रख रहा हूं। शीघ्र ही सभी सकुशल निकाल लिए जायेंगे।"
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जानकारी के अनुसार बचाव अभियान के दौरान एक व्यक्ति को ट्रॉली से निकालकर हेलीकॉप्टर में लाया जा रहा था। इसी दौरान उसका हाथ छूट गया और वह खाई में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। त्रिकूट पर्वत पर हुए इस हादसे के बाच लोगों को बचाने के काम की कमान भारतीय वायु सेना और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने संभाल रखी है। 

इस हादसे में रविवार को एक महिला की मौत हो गई थी। रविवार को रामनवमी की पूजा करने और घूमने के उद्देश्य से यहां सैंकड़ों पर्यटक पहुंचे थे। इस दौरान रोपवे की एक ट्रॉली नीचे आ रही थी, जो ऊपर की ओर जा रही ट्रॉली से टकरा गई। जिस समय यह हादसा हुआ करीब दो दर्जन ट्राली ऊपर थीं। करीब 18 ट्रॉलियां ऊपर ही फंसी रह गईं, जिसमें 40 लोग सवार थे। इनमें छोटे बच्चे व महिलाएं भी हैं। 

देवघर के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि यात्रियों को वायु सेना के दो हेलीकॉप्टरों की मदद से निकाला गया है। तकनीकी खराबी की वजह से रोपवे की ट्रॉलियां आपस में टकरा गई थीं जिस वजह से यह हादसा हुआ। फंसे हुए लोगों को ड्रोन के जरिए खाना और पानी दिया जा रहा है। घटनास्थल बाबा बैद्यनाथ के प्रसिद्ध मंदिर से तकरीबन 20 किलोमीटर दूर है।

घटना पर दुख व्यक्त करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि बचाव और राहत अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। सरकार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। रोपवे का संचालन एक निजी कंपनी कर रही है। इसे चला रहे परिचालक दुर्घटना के कुछ देर बाद ही इलाके से भाग गए थे। झारखंड पर्यटन विभाग के अनुसार यह रोपवे 766 मीटर लंबा है और पहाड़ी 392 मीटर ऊंची है।

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