झारखंड के देवघर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया। दरअसल, यहां 60 साल के एक बुजुर्ग की नसबंदी कर दी गई, जबकि वह हाइड्रोसील का ऑपरेशन कराने गया था। आरोप है कि सरकारी लक्ष्य पूरा करने के मकसद से डॉक्टरों ने जानबूझकर नसबंदी कर दी। फिलहाल पीड़ित ने देवघर डीसी से मामले की शिकायत की, जिन्होंने जांच का आदेश दिया है।
यह है पूरा मामला
देवघर जिले के सारवां प्रखंड के मंझलाडीह गांव में रहने वाले 60 वर्षीय हरि राणा दिव्यांग हैं। उनके भतीजे आनंद कुमार ने बताया कि चाचा देख नहीं पाते हैं और हाइड्रोसील से पीड़ित थे। ऐसे में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर के पास ले गए थे। चिकित्सक की सलाह पर 30 नवंबर को चाचा का हाइड्रोसील का ऑपरेशन किया गया, लेकिन उस दौरान उनकी नसबंदी कर दी गई।
लक्ष्य पूरा करने के लिए हुई हरकत
बताया जा रहा है कि जिस वक्त हरि राणा का हाइड्रोसील का ऑपरेशन होना था, उस दौरान स्वास्थ्य केंद्र में परिवार नियोजन पखवाड़ा चल रहा था। ऐसे में अपना लक्ष्य पूरा करने के मकसद से चिकित्सकों ने बुजुर्ग की नसबंदी भी कर डाली।
पीड़ित ने डीसी से की शिकायत
मामले की जानकारी होने पर आनंद ने देवघर डीसी मंजूनाथ भजंतरि से शिकायत की। डीसी ने इसे बड़ी लापरवाही माना और सिविल सर्जन को जांच का आदेश दे दिया। आनंद का कहना है कि अगर मेरे चाचा को इंसाफ नहीं मिला तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले की शिकायत की जाएगी।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
बुजुर्ग हरि राणा ने बताया कि 30 नवंबर को ऑपरेशन रूम में चिकित्सकों ने एक कागज पर मुझसे हस्ताक्षर कराए थे। मैं नेत्रहीन हूं, जिसके चलते मुझे पता नहीं चला कि उस कागज पर क्या लिखा था। 10 दिसंबर को गांव के स्वास्थ्यकर्मी प्रकाश कुमार ने अस्पताल का कागज देखा तो हाइड्रोसील के ऑपरेशन के साथ-साथ नसबंदी होने की भी जानकारी दी।