जिस हालत में केशरी का शव मिला उससे यह मामला आत्महत्या का नहीं बल्कि हत्या का प्रतीत होता है। शव फंदे पर घुटने के बल टिका हुआ था। गले में दुपट्टे का फंदा लगा हुआ था। जिसका दूसरा सिरा पंखे से लगा हुआ था। वहीं कमरे में शव के आस पास चूड़ी के टुकड़े, लेडीज अंगूठी, कान की बाली और उसमें लगने वाले मोती बिखरे पड़े थे। प्रथम जांच से पता चला कि यह मामला गला दबाकर उसे आत्महत्या करार देने की कोशिश का लगता है। लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
पलामू के डीआईजी विपुल शुक्ला का कहना है कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित की हत्या का यह मामला उसकी पत्रकारिता गतिविधियों से जुड़ा प्रतीत नहीं होता है। अभी अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।
मामले की जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक सुरजीत कुमार की अगुआई में टीम गठित की गई है। जिसमें प्रशिश्रु पुलिस उपाधीक्षक विमलेश त्रिपाठी, पुलिस निरीक्षक दीपनारायण रजक, रेहला थाना प्रभारी नूतन मोदी एंव महिला थाना प्रभारी दुल्लर चौड़े को रखा गया है।