एक ही गोत्र की दो युवा धड़कनें एक होना चाहती थीं। दोनों की प्रेम कहानी में 'अपने लोग' ही दुश्मन बन बैठे थे। प्रेमी जोड़े ने चार साल पहले घर से भागकर शादी कर ली।
प्रेमी जोड़े के शादी के बाद उनके परिवार वालों का समुदाय के लोगों ने सामाजिक बहिष्कार कर दिया। इससे आहत प्रेमी जोड़े ने कीटनाशक पीकर खुदकुशी कर ली। मामला झारखंड के हजारीबाग का है।
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, मरने से पूर्व युवक सुनील कुमार (24) ने पुलिस को बताया कि कोयरी समुदाय के चूड़ामन, कार्तिक, केदार और चमन इसके लिए जिम्मेदार हैं।
बड़का गांव ब्लॉक के हर्ली में चूड़ामन और कार्तिक अपने समुदाय के 300 परिवारों के नेता हैं। इन परिवारों को सती परिवार कहा जाता है। सुनील और 22 साल की रेणु भी इस परिवार के सदस्य थे। लेकिन आपस में संबंधी नहीं थे।
दोनों का गोत्र एक था। अप्रैल 2009 में दोनों ने भागकर शादी कर ली जिसके बाद सती परिवार ने दोनों के घरवालों को समाज से निकाल दिया।
सुनील के बड़े भाई सहेश्वर कुमार ने बताया कि चूड़ामन और कार्तिक ने लोगों को हमारी मोटरसाइकिल मरम्मत की दुकान पर जाने से मना कर दिया था। खेतों के लिए सिंचाई का पानी बंद कर दिया।
रेणु के बड़े भाई राम दयाल महतो ने बताया कि वे लोग रिश्तेदारों को भी घर नहीं आने देते हैं। इन सबके दो माह बाद उसके पिता की मौत हो गई तब भी रेणु को उन लोगों ने घर नहीं आने दिया।
सुनील के पिता भादो महतो ने बताया कि इन सबके बावजूद सुनील इन सबसे प्रभावित नहीं था। वह हजारीबाग में बीसीए कर रहा था, जबकि बहू उनके साथ ही थी।
परिवार के सामाजिक बहिष्कार से आहत सुनील और रेणु ने रविवार को अपने घर से छह किलोमीटर दूर हटिया पाथर जंगल में कीटनाशक पी लिया। लोगों ने दोनों को हजारीबाग अस्पताल में भर्ती कराया जहां रेणु की मौत हो गई। बाद में सुनील की भी मौत हो गई। इसके बाद से चूड़ामन और कार्तिक फरार हैं।