आईएएस अधिकारी आदित्य रंजन (फाइल फोटो)
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दुनिया के 170 से ज्यादा देशों को अपनी चपेट में लेने वाली महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के जिला विकास अधिकारी (डीडीसी) ने एक चलित (मूवेबल) सैंपल कलेक्शन सेंटर तैयार किया है। उन्होंने इंजीनियरों के साथ मिलकर पीपीई किट की तरह इस बूथ को तैयार किया है।
इससे पहले दक्षिण कोरिया में इसी तरह का सैंपल कलेक्शन सेंटर बनाया गया था। देश में अपनी तरह का यह पहला प्रयोग चाईबासा में किया गया है। अब तक किसी संक्रमित मरीज की जांच के लिए एक पीपीई किट की आवश्यकता पड़ती थी लेकिन नई तकनीक से पीपीई किट के साथ समय और राजस्व की बचत होगी।
ऑनव्हील कलेक्शन सेंटर हो रहे हैं तैयार
पश्चिमी सिंहभूम के डीडीसी आदित्य रंजन के मुताबिक इस एयर टाइट कलेक्शन सेंटर को बनाने में 15 से 20 हजार रुपये की लागत आई है। इसी तरह के ऑनव्हील कलेक्शन सेंटर बनाए जा रहे हैं। इन्हें जरुरत पड़ने पर कहीं भी ले जाया जा सकता है। जिले में इस समय जितनी पीपीई किट की जरुरत है, उसमें कम से कम 30 लाख रुपये खर्च होंगे। कलेक्शन सेंटर बनाने में पीपीई किट की तुलना में 90 प्रतिशत राशि की बचत होगी।
देश में चार हजार के पार हुई संक्रमितों की संख्या
भारत में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 4067 हो गई है जबकि 109 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं 291 मरीज ऐसे हैं जो ठीक हो चुके हैं या जिन्हें छुट्टी दे दी गई है। झारखंड की बात करें तो यहां आज एक नया मामला आया है। झारखंड के स्वास्थ्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी के अनुसार, रांची के हिंदपीरी क्षेत्र में एक महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। संक्रमित महिला झारखंड में पहली कोरोना पॉजिटिव मलयेशियाई महिला जो इस क्षेत्र में रह रही थी, के सीधे संपर्क में आने से संक्रमित हुई है। इसी के साथ राज्य में कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या चार हो गई है।