घपले के समय बीसीसीएल के तत्कालीन महाप्रबंधक प्रकाशचंद्र, तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक बीएन सिंह, जीनागोरा प्रोजेक्ट के तत्कालीन परियोजना अधिकारी कल्यानजी प्रसाद, प्रबंधक एके पांडेय, क्षेत्र सर्वे अधिकारी एन मंडल, सर्वेयर अनूप महाथा को शामिल बताया गया जो वर्ष 2016-17 में यहां नियुक्त थे। सरायधेला धनबाद की मैसर्स एटी देव प्रभा प्राइवेट लिमिटेड व अज्ञात लोग भी इसमें शामिल माने गए हैं।
सीबीआई ने आठ जुलाई को एफआईआर दर्ज की है। इसमें सभी आरोपियों पर आईपीसी की धारा 120बी, 409, 420 और 477ए और भ्रष्टचार निवारण अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज हुए हैं। उन पर आपराधिक षड़यंत्र, विश्वासघात, धोखाधड़ी, फर्जी खाते व दस्तावेज बनाने और लोकसेवक का द्वारा आपराधिक आचरण व जालसाजी के आरोप लगे हैं।