सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के खिलाफ दो दिसंबर को फिर झारखंड बंद का आह्वान किया गया है। गौरतलब है कि पिछले 40 दिनों में यह तीसरी बार झारखंड बंद का आह्वान किया गया है। बंद को लेकर रांची पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल किया गया। वहीं उपराजधानी दुमका में पुलिस जवानों ने फ्लैग मार्च किया।
बता दें कि बीते 25 नवम्बर को झारखंड बंद के दौरान दुमका के एसपी कॉलेज के समीप बंद समर्थकों और कालेज के छात्रों द्वारा आठ वाहनों को फूंक दिया था और दर्जनों वाहनों के शीशे तोड़ डाले थे। पुलिस ने उसी घटना के मददेनजर सोमवार को हॉस्टल में छापेमारी किया तो 20-25 हजार तीर, धनुष मिले थे।
25 नवंबर को एकजुट विपक्ष राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था। झारखंड की रघुवर सरकार सीएनटी एक्ट में महत्वपूर्ण संशोधन विधानसभा में पारित कर चुकी है। सरकार का तर्क है कि इससे आदिवासी समुदाय का कल्याण होगा। आदिवासी समुदाय के लिए उनकी जमीन ही उनके जीवन का मूल आधार है, इसलिए अंग्रेजी हुकूमत ने साहूकारों के चंगुल से बचाने के उद्देश्य से सीएनटी एक्ट बनाया था। यह एक्ट साल 1908 में बनाया गया था।