इस मौके पर सोरेन ने परंपरागत लोक वाद्य यंत्र मंदार पर हाथ आजमाया। सोरेन ने दो दिन पूर्व ही विश्वास मत जीता है। उन्होंने विधानसभा में अपनी महागठबंधन सरकार की ताकत दिखाकर लीज खनन मामले में अपनी विधायकी पर लटक रही अयोग्यता की तलवार का जवाब दिया है।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधानसभा में विश्वास मत अर्जित करने के बाद उत्साह व जोश से भर गए हैं। सोरेन ने रांची में करम पूजा के अवसर आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत की।
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इस मौके पर सोरेन ने परंपरागत लोक वाद्य यंत्र मांदर पर हाथ आजमाया। सोरेन ने दो दिन पूर्व ही विश्वास मत जीता है। उन्होंने विधानसभा में अपनी महागठबंधन सरकार की ताकत दिखाकर लीज खनन मामले में अपनी विधायकी पर लटक रही अयोग्यता की तलवार का जवाब दिया है। हालांकि, चुनाव आयोग द्वारा भेजी गई रिपोर्ट पर राज्यपाल रमेश बैस ने अभी कोई फैसला नहीं किया है।
झारखंड में करम पूजा पर्व प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस बार यह 6 सितंबर को मनाया गया। यह पर्व बहनों द्वारा भाईयों के सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं। पर्व में घर के आंगन में जहां साफ-सफाई की जाती है। इसके बाद वहां करम डाली को रोपा जाता है। उसके बाद उस स्थान को गोबर से लीपकर शुद्ध किया जाता है। बहनें सजी हुई टोकरी या थाली लेकर पूजा करने हेतु आंगन में चारों तरफ करम राजा की पूजा करती हैं। करम राजा से प्रार्थना करती है कि हे करम राजा, मेरे भाई को सुख समृद्धि देना उसको कभी भी गलत रास्ते में नहीं जाने दें। पूजा के बाद करम कथा कही जाती है। कहानी में करमा और धरमा की कथा सुनाई जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य यह रहता है कि अच्छे कर्म करना।