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Jharkhand: चक्रधरपुर रेल डिवीजन में नक्सलियों ने उड़ाया ट्रैक, बड़ा हादसा टला; कई घंटे बाधित रही रेल सेवा

Sun, 03 Aug 2025 12:38 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Jharkhand: धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और विस्फोट के कारण रेल पटरी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे विभाग की टीम राहत और मरम्मत कार्य में जुट गई, वहीं सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया है।
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नक्सलियों ने रेल पटरी को बम विस्फोट कर उड़ा दिया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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झारखंड में नक्सलियों के हौसले एक बार फिर बुलंद नजर आए। रविवार सुबह चक्रधरपुर रेलवे डिवीजन के करमपदा इलाके में नक्सलियों ने रेल पटरी को बम विस्फोट कर उड़ा दिया। घटना के बाद से इस रूट पर मालगाड़ियों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। गनीमत रही कि इस मार्ग पर यात्री ट्रेनें नहीं चलतीं, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना ओडिशा के रॉक्सी और रेंगड़ा रेलवे स्टेशन के बीच करमपदा-राउरकेला रेलखंड पर हुई। नक्सलियों ने शनिवार रात को पहले इस रेलखंड पर बैनर-पोस्टर लगाकर अपने मंसूबों का इशारा किया था। इसके बाद रविवार सुबह करीब 6 से 6:30 बजे के बीच उन्होंने आईईडी विस्फोट कर रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया।

धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और विस्फोट के कारण रेल पटरी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे विभाग की टीम राहत और मरम्मत कार्य में जुट गई, वहीं सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में अलर्ट घोषित कर दिया है। करमपदा और राउरकेला के बीच रेल यातायात को एहतियातन पूरी तरह रोक दिया गया है।

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इधर, नक्सलियों द्वारा बुलाए गए 24 घंटे के भारत बंद का असर भी क्षेत्र में देखा गया। चाईबासा और चक्रधरपुर शहरों को छोड़कर पश्चिमी सिंहभूम जिले के अन्य हिस्सों में बंद का आंशिक असर रहा। नक्सलियों ने झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और छत्तीसगढ़ में बंद का आह्वान किया है, जो शनिवार रात 12 बजे से प्रभावी हुआ।

बंद के समर्थन में नक्सलियों ने कई स्थानों पर पर्चे और पोस्टर भी छोड़े हैं, जिनमें ‘पुलिसिया दमन के खिलाफ जन प्रतिरोध’ की अपील की गई है। इस घटनाक्रम को देखते हुए सभी रेलवे स्टेशनों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को अलर्ट मोड में रखा गया है। रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी के चलते बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना नक्सली गतिविधियों की सक्रियता और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है।

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