झारखंड के एक एएसपी पर नक्सलियों से मिलकर काम करने का आरोप लगा है। चाईबासा के एएसपी अभियान मनीष रमण पर नक्सलियों से साठगांठ करने और बातचीत करने का खुलासा कॉल इंटरेक्शन में हुआ है। इस संबंध में खुफिया एजेंसी ने पुलिस मुख्यालय को सूचित कर दिया है।
मुख्यालय ने अगले आदेश तक एसएसपी से सारी जिम्मेदारियां वापस ले ली हैं। मुख्यालय ने रमण को पद से हटाते हुए नए पदस्थापन की अनुमति राज्य निर्वाचन आयोग से मांगी है। बता दें कि यह मामला पहले गृह विभाग में भी आया था।
गृह विभाग को कोई सबूत नहीं मिले थे जिसकी वजह से रमण पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। मनीष रमण पर नक्सलियों से साठगांठ के मामले में पुलिस अधिकारी किसी भी तरह का बयान देने से बच रहे हैं।
एएसपी अभियान मनीष रमण चाईबासा में चार साल से तैनात हैं। चुनाव से पहले राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ निर्देश दिया था कि तीन साल से एक ही पद पर जमे अफसरों को ट्रांसफर किया जाए। इसके बावजूद भी पुलिस मुख्यालय ने उनका ट्रांसफर नहीं किया था।
झारखंड में पुलिस अफसर और नक्सलियों के बीच साठगांठ का यह पहला मामला सामने आया है। चाईबासा नक्सल प्रभावित जिला है, ऐसे में जिले के एएसपी अभियान का नक्सलियों के साथ संबंध होना गंभीर माना जा रहा है।