झारखंड सरकार ने सरकारी कार्यक्रमों में धन्यवाद ज्ञापन और गुलदस्ता भेंट करने की औपचारिकता को समाप्त करने का निर्देश दिया है। राज्य के मुख्य सचिव डी के तिवारी ने बताया कि धन्यवाद ज्ञापन और पुष्प गुच्छ की परिपाटी समाप्त करने का फैसला मुख्यमंत्री रघुवर दास के निर्देश पर लिया गया है।
मुख्य सचिव ने कहा कि राजकीय कार्यक्रमों में गणमान्य अतिथियों को गुलदस्ता और प्रतीक चिह्न आदि भेंट करने की परंपरा का परित्याग करते हुए अब उनका स्वागत सीधे स्वागत संबोधन से किया जाए। किसी कार्यक्रम में यदि गुलदस्ता देना अत्यंत आवश्यक महसूस हो रहा हो, तो इसके स्थान पर केवल एक पुष्प दिया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों का गुलदस्ता और उपहार से स्वागत किया जाना अत्यंत आवश्यक हो, तो ऐसी परिस्थिति में राज्य सरकार से पहले अनुमति लेनी होगी। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि अब से धन्यवाद ज्ञापन राज्य के किसी भी सरकारी समारोह का भाग नहीं होगा।
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के कार्यक्रमों को समय सीमा के भीतर सम्पन्न करने में अकसर कठिनाई होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए ये निर्णय लिए गए हैं। मुख्य सचिव ने राज्य के सभी विभागों के अपर मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों सचिवों, प्रमंडलीय आयुक्तों, विभागाध्यक्षों और उपायुक्तों को इन निर्देशों का दृढ़ता पूर्वक अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।