गुरुवार को झारखंड विधानसभा मानसून सत्र के चौथे दिन विपक्ष ने सरकार का चौरफा घेराव किया। विपक्ष ने संसद में जमकर हंगामा किया। झामुमो ने स्थानीय नीति में संशोधन को लेकर सरकार को घेरा तो वहीं कांग्रेस ने सूखे को लेकर सदन में हंगामा किया।
झामुमो विधायकों के हंगामे पर सत्ता पक्ष ने भी अपनी जगह पर खड़े होकर उनका विरोध शुरू कर दिया। इसी बीच सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जय श्रीराम और भारत माता की जय का नारा लगा दिया। जवाब में झामुमो के पौलुस सुरीन ने भी जय सरना के नारे लगाए।
बुधवार को भी ऐसा भी विधानसभा में नजारा देखने को मिला था। प्रश्नकाल पूरी तरह बाधित रहा था। झामुमो को कुणाल षाडंगी ने वनाधिकार कानून के संशोधन के विरोध में और डॉ. इरफान अंसारी ने बेरोजगारी व पलायन के मुद्दे पर कार्यस्थगन प्रस्ताव लाया। जिसे स्पीकर ने अस्वीकृत किया। इस पर नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि इतना सब कुछ हो रहा है और सरकार चुप्पी साधे बैठी है। सरकार को अपनी मंशा साफ करनी चाहिए।
स्पीकर के कई बार समझाने पर भी विपक्ष शांत नहीं हुआ तो स्पीकर ने कहा कि अब मैं चुप रहूंगा। आपकी बात प्रोसिडिंग में नहीं आएगी। सत्ता पक्ष ने भी विपक्ष का विरोध किया। स्पीकर ने कहा कि सदन को नियम अनुसार चलने दिया जाए, आप लोग हाउस को हाइजैक कर रहे हैं। यह जबरदस्ती है। जबरदस्ती की राजनीति न करें। जिसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।