सऊदी अरब के तबूक में कार्यरत झारखंड के हजारीबाग निवासी 29 वर्षीय धनंजय महतो की कार्यस्थल पर 24 मई 2025 को मृत्यु हो गई थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की संवेदनशील पहल और राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के प्रयासों से उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव बंडखड़ी पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की संवेदनशीलता और प्रवासी श्रमिकों के प्रति सम्मान का परिणाम है कि विदेशों में हादसे में जान गंवाने वाले झारखंड के श्रमिकों का पार्थिव शरीर अब स्वदेश लाया जा रहा है। इसी कड़ी में हजारीबाग जिले के धनंजय महतो का पार्थिव शरीर राज्य सरकार के प्रयास से उनके पैतृक गांव पहुंचाया गया।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, 29 वर्षीय धनंजय महतो, जो सऊदी अरब के तबूक में लार्सन एंड टुब्रो (L&T) कंपनी में कार्यरत थे, 24 मई 2025 को कार्य के दौरान एक दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी। हादसे के बाद राज्य श्रम विभाग के अधीन कार्यरत राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने त्वरित पहल करते हुए धनंजय का पार्थिव शरीर ग्राम बंडखड़ी, पोस्ट उचाघना, थाना विष्णुगढ़, जिला हज़ारीबाग स्थित उनके परिजनों तक पहुंचाया।
राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष द्वारा कंपनी एवं परिजनों से समन्वय स्थापित कर मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा मिलेगा, जिससे उन्हें आर्थिक मदद मिल सके। सरकार की इस पहल को लेकर स्थानीय लोगों और परिजनों ने धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि हेमंत सरकार ने एक बार फिर दिखाया है कि वह प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों के साथ खड़ी है।