भारत सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम बीसीसीएल धनबाद और महारत्न कंपनी सेल के बोकारो इस्पात संयंत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक रणनीति बनाई गई है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने बीसीसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज कुमार अग्रवाल तथा बीएसएल के निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन के साथ बैठक कर भावी चुनौतियों से निपटने का खाका खींचा। इस नई योजना के तहत कोयला क्षेत्र की विभिन्न इकाइयों में अवैध खनन, कोयले की चोरी और तस्करी रोकने के लिए 500 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जाएगी।
निगरानी बने के लिए सुरक्षा तकनीक
खदानों तथा अन्य संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ाने के लिए तकनीक का बड़े पैमाने पर सहारा लिया जाएगा। इसके लिए ड्रोन से हवाई निगरानी की जाएगी और वाहनों में जीपीएस युक्त उपकरणों का उपयोग होगा। कोयले के अवैध खनन तथा इस्पात संयंत्रों से लोहे की चोरी पर अंकुश लगाने के लिए सीआईएसएफ, बीसीसीएल व सेल प्रबंधन तथा स्थानीय पुलिस मिलकर काम करेंगे। बल के सदस्य संदिग्ध ठिकानों और ग्रामीण इलाकों में नियमित रूप से औचक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सरकारी संपत्ति जब्त की जाएगी। बीसीसीएल धनबाद और सीसीएल करगली जैसी इकाइयों में एमएमडीआर एक्ट के तहत मामले दर्ज कर तस्करों को जेल भेजा जाएगा।
वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में निर्णय
महानिदेशक के रूप में प्रवीर रंजन का धनबाद और बोकारो इकाई का यह पहला दौरा था। यहां पहुंचने पर बल के सदस्यों और अधिकारियों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर स्वागत किया। बीसीसीएल धनबाद में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक के बाद महानिदेशक ने बीसीसीएल धनबाद और बीएसएल बोकारो में सैनिक सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने बल के जवानों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनके त्वरित समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने जवानों को कार्यक्षेत्र में उच्च स्तर की सतर्कता, कड़ा अनुशासन और व्यावसायिक दक्षता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सभी सुरक्षाकर्मी आपसी समन्वय के साथ दायित्वों का निर्वहन करते हुए औद्योगिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।