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Babulal Marandi: भाजपा ने बाबूलाल मरांडी को क्यों दी बड़ी जिम्मेदारी? आदिवासी हैं लक्ष्य या कुछ और भी गणित

Thu, 06 Mar 2025 04:54 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

Babulal Marandi: झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर जारी अनिश्चितता समाप्त हो गई है। प्रदेश भाजपा पर लगातार यह आरोप लग रहे थे कि वह अब तक नेता प्रतिपक्ष तय नहीं कर पाई है, जिससे विधानसभा की कार्रवाई में भी मुश्किलें आ रही थीं। अब नाम तय होने के बाद विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जनमानस के मुद्दे उठाएंगे। 

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नेता प्रतिपक्ष - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विधानसभा चुनाव के लगभग तीन महीने बाद आखिरकार भाजपा ने झारखंड में नेता प्रतिपक्ष की घोषणा कर दी। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद के. लक्ष्मण बतौर पर्यवेक्षक राजधानी रांची पहुंचे। प्रदेश भाजपा कार्यालय में उनके नेतृत्व में विधायक दल की बैठक बुलाई गई, जिसमें सभी विधायकों से चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाएगा। इस फैसले को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि झारखंड विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है। बाबूलाल मरांडी एक कुशल नेतृत्वकर्ता के रूप में पहचाने जाते हैं, जो सदन में भाजपा विधायकों को संगठित रखते हुए प्रभावी रणनीति के साथ सरकार को घेरने में सक्षम होंगे।

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आदिवासी समाज और संगठन को मजबूत करने की रणनीति
झारखंड में आदिवासी समाज के बीच भाजपा अपनी पकड़ मजबूत करने के प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। इसे ध्यान में रखते हुए सांगठनिक बदलाव के संकेत भी दिए जा रहे हैं। बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने का मुख्य कारण पार्टी में गुटबाजी को रोकना और संगठन को मजबूती देना है।

भाजपा के भीतर नेता प्रतिपक्ष के चयन को लेकर गुटबाजी एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इसे खत्म करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद मरांडी के नाम पर सहमति बनी। इसके अलावा, भाजपा से दूर होते जा रहे आदिवासी समाज को फिर से अपने पाले में लाने की रणनीति के तहत भी यह फैसला लिया गया है। विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार का एक कारण आदिवासी समाज का समर्थन न मिल पाना था। मरांडी के जरिए भाजपा इस वर्ग तक अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश करेगी।
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'सभी को साथ लेकर चलना मेरी प्राथमिकता' - बाबूलाल मरांडी
नेता प्रतिपक्ष चुने जाने के बाद बाबूलाल मरांडी ने प्रेस को संबोधित करते हुए सभी विधायकों का आभार जताया। उन्होंने कहा, "मेरी प्राथमिकता सभी को साथ लेकर चलने की होगी और संगठन को मजबूती देना हमारा मुख्य उद्देश्य रहेगा। मैं पूरी ताकत के साथ सदन के भीतर और बाहर पार्टी का नेतृत्व करूंगा।" इस दौरान उन्होंने झारखंड सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि हेमंत सोरेन सरकार के पिछले कार्यकाल में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया था। भाजपा द्वारा नेता प्रतिपक्ष की घोषणा के बावजूद, सरकार ने इस फैसले को लंबित रखा। इसके बावजूद भाजपा विधायकों ने सदन और सड़क, दोनों जगह जनता के मुद्दों को पूरी गंभीरता से उठाया था।

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