मुख्यमंत्री के दावे पर पलटवार करते हुए ओवैसी ने कहा कि ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री पर काम का बोझ है, इसलिए वह भूल जाते हैं। मैं उन्हें रामगढ़ जिले के सिकनी गांव में शमशाद अंसारी की हत्या की याद दिलाना चाहता हूं।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को झारखंड की हेमंत सोरेन नीत सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में भीड़ के हमले में मारे जाने की घटनाएं लगातार जारी हैं। मामले में गठबंधन के सहयोगी कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी चुप हैं।
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ओवैसी डुमरी विधानसभा सीट पर उपचुनाव में पार्टी के उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल मोबिन रिजवी के समर्थन में गिरिडीह पहुंचे थे। इससे पहले सीएम सोरेन ने दावा किया था 2019 में उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद से झारखंड में भीड़ के हमले में मारे जाने की घटना नहीं हुई है।
हेमंत सोरेन को लेकर कही यह बात
मुख्यमंत्री के दावे पर पलटवार करते हुए ओवैसी ने कहा कि ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री पर काम का बोझ है, इसलिए वह भूल जाते हैं। मैं उन्हें रामगढ़ जिले के सिकनी गांव में शमशाद अंसारी की हत्या की याद दिलाना चाहता हूं। मामले में पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि अंसारी को इस साल 22 अगस्त को एक ग्रामीण से 22,000 रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर पीटकर मार डाला था।
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ओवैसी ने सोरेन सरकार को घेरा
औवेसी ने कहा कि अंसारी के परिवार के सदस्य न्याय के लिए लड़ रहे हैं। उनका परिवार आज मुझसे मिलना चाहता था, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें आने से रोक दिया। ओवैसी ने आरोप लगाया कि झारखंड को अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए केंद्र ने 155 करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन राज्य सरकार ने इस पर केवल पांच करोड़ रुपये ही खर्च किए।
उपचुनाव के लिए मतदान पांच सितंबर को
डुमरी सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान पांच सितंबर को होगा। मतगणना आठ सितंबर को होगी। अप्रैल में पूर्व शिक्षा मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) विधायक जगरनाथ महतो के निधन के कारण उपचुनाव करायसा जा रहा है। झामुमो ने महतो की पत्नी बेबी देवी को ‘इंडिया’ गठबंधन का उम्मीदवार बनाया है, जबकि आजसू पार्टी ने यशोदा देवी को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का उम्मीदवार बनाया है।