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Jharkhand: आंगनबाड़ी साहिका-सेविका ने भारी बारिश में किया प्रदर्शन, मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में देंगी धरना

Wed, 09 Jul 2025 09:31 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

झारखंड में आंगनबाड़ी सहायिका-सेविकाओं ने कम मानदेय और लंबित मांगों को लेकर भारी बारिश में राजभवन के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि अगर, उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो दिल्ली में संसद का घेराव किया जाएगा।
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राजभवन के बाहर विरोध में करती आंगनबाड़ी सहायिका-सेविकाएं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रांची में भारी बारिश में अपनी लंबित मांगों के समर्थन में सैकड़ों आंगनबाड़ी सहायिका-सेविकाएं छाता लेकर राजभवन पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाएं राज्यपाल संतोष गंगवार से मिलना चाहती थीं। उनका कहना था कि वे राज्यपाल से मिलकर ही वापस जाएंगी। हालांकि, किसी तरह समझाइश देश सुरक्षा कर्मियों ने आंगनबाड़ी सहायिका-सेविकाओं को शांत कराया। 

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प्रदर्शन कर रहीं आंगनबाड़ी सहायिका-सेविकाओं का कहना है कि राज्य सरकार उनसे बेहद कम मानदेय पर काम करवा रही है। बार-बार आंदोलन के बावजूद हर बार सिर्फ झूठे आश्वासन मिलते हैं। इस बार वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी सभा ने किया। सभा की महामंत्री और कांग्रेस नेत्री सुंदरी तिर्की ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार राज्य सरकार को आंगनबाड़ी सहायिका-सेविकाओं के मद में मिलने वाले फंड में कटौती कर रही है, जिससे राज्य सरकार समय पर मानदेय नहीं दे पा रही है और उसमें वृद्धि भी नहीं कर पा रही है।

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उन्होंने बताया कि आज बुधवार की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में झारखंड की सभी सहायिका-सेविकाएं शामिल हुईं। इस दौरान जयपाल सिंह स्टेडियम से जुलूस निकालकर कचहरी होते हुए राजभवन तक प्रदर्शन किया गया। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार अपने चार नए श्रम कानून तुरंत रद्द करे, सेविका-सहायिका का स्थायीकरण किया जाए, वेतनमान और पेंशन योजना लागू की जाए।
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प्रदर्शनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर, उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे दिल्ली में संसद का घेराव करेंगी। इस कार्यक्रम में मेना खातून, सूर्यमणि उरांव, रीना देवी, सुनीता देवी, चंचला भोक्ता, अंजलि लकड़ा, सरिता देवी, सरोज तिर्की, बसंती देवी सहित हजारों सेविकाएं शामिल हुईं।

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