झारखंड के रांची में पुजारी लालमोहन मिश्र आज जीने मरने की लड़ाई लड़ रहे हैं। एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल उन्हें बेहतर इलाज के लिए भेजा जा रहा है लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है।
परिजनों की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि वे इलाज का खर्च भी नहीं उठा पा रहे हैं। नौबत यहां तक आ चुकी है कि परिवार के लोग चंदा मांग कर उनका इलाज करा रहे हैं।
पुरारी लालमोहन मिश्रा रविवार को एक हादसे का शिकार हुए थे। हादसे से शायद उभर भी जाते लेकिन व्यवस्था ने उनकी स्थिति को और भी त्रासद बना दिया है।