झारखंड में 4 लाख 72 हजार ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं जो दिए गए पते पर नहीं रह रहे हैं।
बूथ लेवल ऑफिसर जब मतदाताओं की तस्वीर लेने के लिए उनके घर पहुंचे तो झारखंड के लगभग पांच लाख मतदाता ऐसे निकले जो उस पते पर नहीं मिले।
इनमें सबसे अधिक धनबाद से करीब एक लाख 44 हजार मतदाताओं के नाम हटाये गये हैं। राज्य के कई ऐसे जिले हैं, जहां हजारों लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिये गये हैं।
इन मतदाताओं की तस्वीर वोटर लिस्ट में नहीं थी। बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) ने इन मतदाताओं को अपने स्थान पर नहीं रहने की पुष्टि की है।
आयोग को मिली शिकायत
इधर, आयोग को मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में अनियमितता की शिकायत मिली है। इसके बाद राज्य भर में मतदाता सूची की दोबारा जांच का आदेश दिया गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी पीके जाजोरिया ने सभी जिलों को इससे संबंधित पत्र भेजे हैं। सभी उपायुक्त सह निर्वाची पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि एक भी गलत नाम मतदाता सूची में नहीं रहना चाहिए और एक भी योग्य नाम नहीं हटे। इसके लिए दो से तीन बार मतदाता सूची की जांच कर लें। इससे संबंधित जो भी आपत्ति हो, उसे मंगा लें। उन्होंने एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट देने को कहा है।