धान काटकर औरंगाबाद से लौट रहे मनिका (लातेहार) और लेस्लीगंज (पलामू) के 27 मजूदीरों की ट्रक पलटने से मौत हो गयी और 11 मजदूर घायल हो गये। दुर्घटना में केवल छह लोग सुरक्षित बचे। ट्रक पर कुल 44 लोग सवार थे। मरने वालों में नौ बच्चे भी थे।
दुर्घटना औरंगाबाद जिला मुख्यालय से छह किमी दक्षिण एनएच-139 पर तिताई बिगहा गांव के समीप हुई। अधिकतर मजदूर ट्रक पर लदे चावल व धान के बोरे में दब गये। कहा जा रहा है कि ट्रक चालक के नशे में होने के कारण वह संतुलन खो बैठा। मृतकों में 24 राकीकलां व दो डोरांग व एक सतरबरवा के निवासी हैं।
यह घटना तब हुई जब सभी मजदूर भोजपुर जिले के जगदीशपुर व आसपास के गांवों से धान काटकर अपने घर लौट रहे थे। ट्रक पर 200 से अधिक धान व चावल के बोरे लदे थे। गुरुवार सुबह तीन बजे ट्रक एनएच-139 पर तिताई बिगहा गांव के समीप पहुंचा कि चालक संतुलन खो बैठा और ट्रक खाई में पलट गया। ट्रक पर सवार लोग के धान व चावल के बोरों से दबने के कारण उनकी मौत हो गयी।
मौक पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से राहत कार्य किया। पहले घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया उसके बाद शव निकाले गये। चार घंटों की मशक्कत के बाद ट्रक के नीचे दबे शवों को बाहर निकाला गया। डीएम अभय कुमार सिंह भी सदर अस्पताल पहुंचे और घायलों के उपचार का जायजा लिया। डीएम ने सदर अस्पताल में मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से औरंगाबाद जिला प्रशासन द्वारा 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की।
कार्यवाहक मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और राज्यपाल डॉ. सैयद अहमद ने दुर्घटना में मारे गये लोगों के प्रति गहरा शोक प्रकट किया है और अर्जुन मुंडा ने मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख मुआवजा देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों का इलाज सरकारी खर्च पर कराने के निर्देश दिये।