झारखंड के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (रिम्स) में जूनियर डाक्टरों और नर्सो की हड़ताल की वजह से पिछले 36 घंटों में कम से कम 14 मरीजों की मौत हो गई है। बताते चलें कि अस्पताल के एक कर्मचारी पर हुए हमले के बाद डाक्टरों और नर्सो ने यह हड़ताल की।
उल्लेखनीय है कि राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रविवार को रिम्स की घटना पर संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी और स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रबंशी को डाक्टरों और नर्सो से बातचीत करने के लिए कहा। साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि हर किसी को विरोध करने का अधिकार है लेकिन रिम्स में अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शनिवार की सुबह जूनियर डाक्टरों और नर्सो के हड़ताल पर जाने के बाद अस्पताल में नए मरीजों की भर्ती नहीं की गई। वहीं, जो मरीज पहले से भर्ती थे उन्हें न तो दवा दी गई और न ही उपचार किया गया। इसी वजह से 14 मरीजों ने दम तोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार, शनिवार और रविवार को ओपीडी में भर्ती 2,000 से अधिक मरीज इलाज के बिना लौट गए, जबकि कई परिजन पहले से भर्ती मरीजों को अन्य अस्पतालों में लेकर चले गए। हालांकि रविवार को सुधीर त्रिपाठी और रामचंद्र चंद्रबंशी के बातचीत करने के बाद अब हड़ताल वापस ले ली गई है।