रियासत में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है। ओवरलोडिंग, यातायात नियमों का उल्लंघन करना सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह माना गया है।
साथ ही यह भी महसूस किया गया है कि यातायात कर्मियों की कमी की वजह से ऐसा हुआ है। ऐसे में कार्रवाई करते हुए पहली बार हर जिले में बड़े पैमाने पर यातायात कर्मियों की तैनाती की गई है।
जम्मू और कश्मीर जोन के जनरल पुलिस के 366 कर्मियों को यातायात पुलिस में भेजा गया है। हर एक जिले में जरूरत के हिसाब से कर्मी तैनात किए गए हैं। हर जिले में यातायात कर्मियों की गिनती बढ़ाई गई है।
जानकारी के अनुसार 366 जवानों को अलग-अलग जिलों में लगाया गया है। इसे लेकर सूची जारी की गई है। सूची के तहत सबसे अधिक श्रीनगर में 82 जवानों को लगाया गया है। इसके बाद जम्मू में 40 कर्मी लगाए गए हैं।
रामबन में 24, सोपोर जिले में 24, अनंतनाग में 12, कुपवाड़ा 9, गांदरबल 12, हंदवाड़ा 17, बडगाम में तीन, पुलवामा में 13, शोपियां में 15, अवंतीपोरा में 10, बारामुला में नौ, लेह में पांच, कारगिल में एक, बांडीपोरा में तीन, सांबा में छह, कठुआ में नौ, पुंछ में 18, राजोरी में 14, डोडा में सात, किश्तवाड़ में 6, रियासी में छह तथा उधमपुर में 14 जवानों को लगाया गया है। बताया जा रहा है कि यातायात पुलिस की ओर से मुख्यालय में कहा गया है कि और कर्मियों को भेजा जाए। इसे लेकर दबाव बनाया जा रहा है।