अब कश्मीर में आतंक के दो बड़े चेहरे ही बचे हैं। इनको मार गिराने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष प्लान तैयार किया है। इन दोनों के खिलाफ आपरेशन को गंभीर तरीके से चलाया जाएगा। इसके लिए सुरक्षाबलों ने अपने तमाम खुफिया नेटवर्क को सक्रिय कर दिया है।
इसके लिए विशेष टीमों को तकनीकी उपकरण दिए गए हैं, जिससे इनकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है। इनके खिलाफ कार्रवाई इस तरह से की जाएगी कि स्थानीय लोगों का इनको सपोर्ट न मिले। यह दोनों स्थानीय लोगों की मदद से कई बार भाग चुके हैं।
दस दिन पहले घिर गया था मूसा
22 दिसंबर को पुलवामा में सुरक्षाबलों ने जाकिर मूसा ग्रुप के छह आतंकियों को मार गिराया था। मुठभेड़ के दौरान मूसा भी था, लेकिन स्थानीय लोगों के सपोर्ट से वह वहां से बच निकला। सूत्रों का कहना है कि मूसा को एक गोली भी लगी थी।
बिना नुकसान के मारने की है योजना
पिछले आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ पता चलता है कि बड़े आतंकियों के खिलाफ चलाए आपरेशन में सुरक्षाबलों को कोई बड़ा नुकसान नहीं उठाना पड़ा। फिर चाहे वह नवीद जट्ट हो या फिर सद्दाम पाडर, मन्नान वानी या कोई और। ठीक इसी तरह से सुरक्षाबलों ने जाकिर मूसा और रियाज नायकू को मार गिराने की योजना बनाई है।