पुलवामा। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वीरवार को इस्लामिक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आईयूएसटी), अवंतिपोरा में विकसित भारत युवा कनेक्ट कार्यक्रम को संबोधित किया। युवा कनेक्ट, युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए विकसित भारत-युवा कनेक्ट कार्यक्रम के अंतर्गत एक प्रमुख पहल है।
उपराज्यपाल ने युवा सहभागिता के लिए इस परिवर्तनकारी मंच की सराहना की और कहा कि इसका उद्देश्य युवा नागरिकों और नीति निर्माताओं के बीच की खाई को पाटना और युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने के लिए सशक्त बनाना है। यह पहल संरचित युवा सहभागिता को बढ़ावा देने और युवा नागरिकों और नीति निर्माताओं के बीच एक मज़बूत संबंध बनाने की दिशा में एक कदम है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूथ कनेक्ट के चार मुख्य उद्देश्य निर्धारित किए थे, जुड़ना, प्रोत्साहित करना, सक्षम बनाना और प्रेरित करना। इस मंच का लाभ उठाते हुए, यह कार्यक्रम भारत के युवाओं के बीच संवाद, सहभागी शासन और नेतृत्व विकास को बढ़ावा देने पर ज़ोर देता है, जिससे वे 2047 तक देश की प्रगति और विकास यात्रा में प्रभावी योगदान देने के लिए तैयार हो सकें।
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम युवा मस्तिष्कों को नागरिक और राष्ट्रीय मुद्दों में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रेरित करने हेतु डिज़ाइन किया गया है। यह युवाओं के लिए अपने विचार साझा करने, नीतिगत संवादों में भाग लेने और राष्ट्रीय महत्व के मामलों पर अपने दृष्टिकोण व्यक्त करने के लिए संरचित अवसर प्रदान करता है।
उपराज्यपाल ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं को भारत की विकास यात्रा का नेतृत्व करने और राष्ट्र की चुनौतियों के अभिनव समाधान प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, युवा जम्मू-कश्मीर के उज्जवल भविष्य का निर्माण करेंगे और दीर्घकालिक शांति एवं समृद्धि सुनिश्चित करेंगे। इस 21वीं सदी में, निरंतर परिवर्तन और चुनौतियों के बावजूद, हमारे युवा - हमारी सबसे मूल्यवान संपत्ति - ही हैं जो सामाजिक-आर्थिक क्रांति को गति देने की शक्ति रखते हैं। अनंत संभावनाओं से भरपूर जम्मू-कश्मीर अपने महत्वाकांक्षी युवाओं को प्रचुर संसाधनों और अवसरों से सशक्त बना रहा है।
पंच प्रण के साथ आगे बढ़ें युवा
उपराज्यपाल ने युवाओं से कहा कि राष्ट्र-प्रथम के संकल्प के साथ आगे बढ़ें। प्रधानमंत्री के पंच प्रण संकल्प को अपनाएं। पहल, नेतृत्व, आत्मविश्वास, दृढ़ता, कल्पनाशीलता और असफलता से सीखने का साहस जैसे गुण आपको विकसित भारत की यात्रा के पथ पर मार्गदर्शन करेंगे।
उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में प्रगतिशील सुधारों को लागू करने के लिए आईयूएसटी के कुलपति और संकाय सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सही समय है जब आईयूएसटी को सेमीकंडक्टर लैब स्थापित करने पर काम करना चाहिए।
उपराज्यपाल ने कहा, हम विकसित भारत के संकल्प को तभी प्राप्त कर सकते हैं जब जम्मू-कश्मीर विकसित हो, हमारे विश्वविद्यालय विकसित हों। सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, उपराज्यपाल ने युवाओं से सरदार पटेल की कल्पना के अनुसार भारत के उज्जवल भविष्य और एक समावेशी समाज के निर्माण के लिए खुद को पूरी तरह से समर्पित करने का आग्रह किया। उपराज्यपाल ने नशीली दवाओं की समस्या से निपटने के अपने संकल्प को भी दोहराया और जम्मू-कश्मीर के प्रत्येक विश्वविद्यालय को नशा मुक्त बनाने का दृढ़ संकल्प लिया।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि केवल नशामुक्त परिसर ही राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकते हैं, और यह लक्ष्य कुछ प्रमुख पहलों के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। नशा-विरोधी अभियान प्रवेश स्तर से ही शुरू होना चाहिए और प्रत्येक छात्र को नशे से दूर रहने की शपथ लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। प्रत्येक विश्वविद्यालय को संकाय सदस्यों की देखरेख में एक ''''नशे को ना कहें छात्र समिति'''' स्थापित करनी चाहिए, जो एक प्रारंभिक चेतावनी तंत्र के रूप में कार्य करेगी।
विश्वविद्यालयों को एक गोपनीय रिपोर्टिंग प्रणाली बनानी चाहिए और ज़रूरतमंद छात्रों को टेली-मानस जैसी हेल्पलाइनों के माध्यम से सहायता की सुनिश्चित पहुंच प्रदान करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि परामर्श और सहायता प्रणालियों के अलावा, नशामुक्ति विषयवस्तु को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए।
विजेताओं का किया सम्मान
उपराज्यपाल ने विकसित भारत युवा संसद, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं सहित पूर्व-कार्यक्रमों के विजेताओं को सम्मानित किया और 12 अगस्त को होने वाले आगामी मुख्य कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दिन माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत - युवा संपर्क कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा, जिसमें वे एक साथ 1,339 विश्वविद्यालयों के छात्रों और संकाय सदस्यों के साथ संवाद करेंगे।
विकसित भारत की शपथ दिलाई
उपराज्यपाल ने राष्ट्र की प्रगति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए, विकसित भारत की शपथ दिलाई। आईयूएसटी के कुलपति प्रोफेसर शकील अहमद रोमशू ने एक विशेष प्रस्तुति दी कि कैसे विकसित भारत2047 के विजन को विश्वविद्यालय की संस्थागत विकास योजना (आईडीपी) में एकीकृत किया जा रहा है, जिसमें विभाग और केंद्र स्तर तक प्रशासनिक, शैक्षणिक, शोध और आउटरीच गतिविधियां शामिल हैं।
संवाद सत्र का आयोजन
युवा संवाद, छात्रों के बीच एक खुला संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें नागरिक जिम्मेदारियों, राष्ट्रीय विकास और वर्तमान मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसके बाद सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और विरासत पर एक वीडियो भी दिखाया गया। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव शांतमनु, बशारत कयूम, प्रोफेसर एएच मून, प्रोफेसर अब्दुल वाहिद, वरिष्ठ अधिकारी, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य और छात्र उपस्थित थे।