जीएमसी जम्मू में शनिवार को गंग्याल निवासी (मूल निवासी सरोर) 28 वर्षीय युवक को मृत अवस्था में लाया गया। उसने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। लेकिन पोस्टमार्टम से पहले किए गए कोविड टेस्ट में युवक संक्रमित पाया गया। उसके शव को कोविड प्रोटोकाल के तहत अंतिम संस्कार करवाया गया। बाहर से आने वाले मृत लोगों के पोस्टमार्टम से पहले कोविड टेस्ट अनिवार्य किए गए हैं।
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बिना लक्षण वाले मामलों ने चिंता बढ़ाई
नए कोविड संक्रमित 95 फीसदी मामले बिना लक्षण के पाए जा रहे हैं, जिसने स्वास्थ्य विभाग और प्रदेश प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे पीड़ित संक्रमित तो हैं, लेकिन उनमें कोई कोविड लक्षण नहीं है, जिससे वे नियमित तौर पर मूवमेंट करके संक्रमण का प्रसार कर रहे हैं। ऐसे पीड़ितों के संपर्क में आने वाले शारीरिक रूप से कमजोर लोग अधिक प्रभावित होते हैं और उनकी हालत गंभीर हो जाती है।
जम्मू विश्वविद्यालय में शनिवार को मिले लगभग सभी संक्रमित मामले बिना लक्षण वाले थे, जिससे उन्हें पता ही नहीं था कि वे संक्रमित हो चुके हैं। हॉस्टल में समूह में रहने के कारण संक्रमण का तेजी से प्रसार हुआ है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) जम्मू डॉ. जेपी सिंह का कहना है कि लोगों को भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से परहेज करना चाहिए, खासतौर पर पहले से बीमार और बुजुर्ग लोगों को अधिक बचने की जरूरत है। समाज के लगभग हर वर्ग में कोविड संक्रमण का प्रसार हो रहा है। कोई भी लक्षण दिखने पर लोगों को स्वयं टेस्टिंग के लिए आगे आना चाहिए, ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके।