नब्बे के दशक में जब कश्मीर में आतंकवाद शुरू हुआ था। तबसे यासिन मलिक का संगठन जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट कश्मीर में अलगाववाद के नाम पर हिंसा फैला रहा है। देश के खिलाफ जहर उगलना और पाकिस्तान का गुणगान करना मलिक की पहली प्राथमिकता है। शायद यही वजह है कि मलिक ने शादी भी पाकिस्तान की महिला से की।
1998 से मलिक का संगठन कश्मीर में हिंसा फैला रहा है। आतंकियों के लिए फंड जुटाने का काम संगठन की ओर से किया जाता रहा है। लोगों को भड़काने के लिए मलिक ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। जम्मू कश्मीर पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि मलिक के खिलाफ टेरर फंडिंग, हिंसा फैलाने, आतंकियों से लिंक रखने के 37 पुलिस केस दर्ज हैं। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने भी मलिक पर दो केस दर्ज किए हुए हैं। यह केस वायुसेना के दो लोगों की हत्याओं के आरोप में हैं। एनआईए की तरफ से भी लिब्रेशन फ्रंट पर टेरर फंडिंग करने का केस दर्ज है। 1966 में जन्मे यासिन ने 2009 में पाकिस्तानी कलाकार मुशाल हुसैन मलिक से शादी कर ली थी। वह शादी करने के लिए पाकिस्तान गया था।
आतंक, हिंसा का मालिक यासिन मलिक
-1983 में श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में भारत और वेस्ट इंडीज का मैच नहीं होने दिया
-1989 में कश्मीरी पंडितों की हत्या का आरोप
-आतंकियों के लिए फंड जुटाने, कश्मीर में हिंसा फैलाने का आरोप
-देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने
-दो वायुसेना के लोगों की हत्याओं का आरोप
-कंधार हाईजैक केस, महबूबा मुफ्ती की बहन रुबिया सईद के अपहरण में भी शामिल