हृदय रोगियों का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ता जा रहा है। अनियमित दिनचर्या और दौड़ती जिंदगी में बेतहाशा तनाव से बुढ़ापे में मिलने वाला दिल का रोग अब जवानी में मिल रहा है।
अगले कुछ महीनों में तापमान गिरने के साथ हार्ट अटैक के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी होगी। जीएमसी में ही रोजाना सामान्य में 5-10 हार्ट अटैक के मामले पहुंच रहे हैं। उस पर दूरवर्ती और पहाड़ी क्षेत्रों में कार्डियो विशेषज्ञों के न होने से हार्ट अटैक के मामले में जान बचाना राम भरोसे ही रहता है।
हृदय रोगियों के लिए अब आगामी सर्दी का मौसम खतरनाक रहेगा। संभाग के पहाड़ी, दूरवर्ती और शहरी इलाकों के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
ठंड के दौरान शारीरिक गतिविधियां कम होने से खून में कंपोनेंट आपस में जुड़कर सीधे दिल पर हमला करते हैं। इससे खून की सप्लाई प्रभावित होने से हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। मोटापा, तनाव, ब्लड प्रेशर भी हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार है।
युवा भी इस बीमारी की चपेट
हृदय रोगों की चपेट में युवा भी तेजी से आ रहे हैं। अमूमन 40 की उम्र में होने वाले हार्ट अटैक की गिरफ्त में अब 20 साल के युवा भी आ रहे हैं। इसमें अधिकांश मामलों में पुरुष पीड़ित हैं।
जीएमसी में अगले कुछ महीनों में हार्ट अटैक के पहुंचने वाले मामले दोगुने हो जाएंगे। इनमें अधिकांश मामले शहरों से रिपोर्ट किए जा रहे हैं। दूरवर्ती और पहाड़ी इलाकों में डोडा, किश्तवाड़, रामबन, राजोरी, पुंछ इलाके ज्यादा प्रभावित हैं।
जीएमसी में कार्यरत सीसीयू के एचओडी हृदय विशेषज्ञ डा. सुशील शर्मा के अनुसार सर्दी बढ़ने पर लोग शारीरिक गतिविधियां कम करते हैं। आने वाले दिनों में लोग ठंड से बचकर खानपान पर ज्यादा तवज्जो देंगे लेकिन यह हानिकारक होता है।
क्या करें बचाव के लिए
लक्षण
1. शरीर में अचानक घबराहट आना
2. सिर में तेज दर्द, नब्ज कमजोर होना
3. अचानक सांस फूलने लगना
4. तनाव से खून की सप्लाई में प्रेशर बढ़ना
बचाव
1. हृदय रोगी चढ़ाई या ज्यादा चलने से परहेज करें
2. कोलेस्ट्रोल बढ़ाने वाले पदार्थों का सेवन न करें
3. तत्काल प्रभाव से तंबाकू और धूम्रपान छोड़ें
4. फल सब्जियों का ज्यादा सेवन करें
5. रोजाना आधा घंटा टहलें, योग और कसरत अपनाएं