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जम्मू-कश्मीर: कठुआ में बढ़ रहे हैं एड्स के मरीज, हैरान कर देने वाली है ये वजह

Sun, 01 Dec 2019 03:29 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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एचआईवी एड्स - फोटो : सोशल मीडिया
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जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में बढ़ रही स्वास्थ्य सुविधाओं और जागरूकता के बाद बढ़ी स्कैनिंग में एचआईवी पाजिटिव मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ती जा रही हैं। पिछले साल जहां कुल 19 मरीज जिले में एचआईवी पाजीटिव पाए गए थे वहीं इस साल सात माह के भीतर ही 19 मरीजों को पाजीटिव पाया जा चुका है। बनी, बसोहली और हीरानगर के बाद इस साल ज्यादा मामले बिलावर उपजिला से रिपोर्ट हुए हैं।
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अप्रैल से नवंबर माह के बीच आईसीटीसी कठुआ में की गई मरीजों की जांच के बाद अबतक 19 लोगों को एचआईवी पाजिटिव पाया गया है। खास बात यह है कि बीते वर्ष जहां कुल 4 हजार के लगभग मरीजों की जांच की गई थी वहीं इस साल 31 सौ से अधिक मरीजों की एचआईवी जांच की जा चुकी है। ऐसे में जहां पहले कम मरीज स्कैन हो पाते थे वहीं अब स्कैनिंग भी बढ़ चुकी है। हैरत इस बात की है कि अब प्रतिमाह लगभग तीन मरीजों को जिले में पाजीटिव पाए जाने लगा है।

एकीकृत परामर्श एंव परीक्षण केंद्र (आईसीटीसी) कठुआ से प्राप्त आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले बारह वर्षों में अबतक 292 लोगों को जिले में एचआईवी पाजिटिव पाया जा चुका है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य मंत्रालय ने जागरूकता कार्यक्रमों के लिए दिए जाने वाली सहयोग राशि को भी देना बंद कर दिया है। ऐसे में विभाग की पहुंच आम लोगों से दूर होती जा रही है।
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समाज में खुले तौर पर एड्स के बारे में बात करना आज भी आम लोग शर्म की बात महसूस करते हैं। जरूरत पड़ने पर ही आईसीटीसी सेंटर पहुंचते हैं। एड्स दिवस पर जरूरत है एक बार फिर सरकारी तंत्र को सक्रिय कर आम लोगों तक पहुंचाया जाए ताकि ऐसे मामलों से निपटा जा सके।

जहां शिक्षा अधिक, वहां भी बढ़ रहे मामले

इतनी बड़ी संख्या में मरीजों का आना ध्यान देने वाली बात यह है कि जहां बनी, लोहाई मल्हार, बसोहली आदि इलाकों के लोग पल्लेदारी का काम करने के लिए बाहरी राज्यों में जाते हैं, वहां एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की संख्या कम है। जबकि अशिक्षित लोग भी यहीं अधिक है।

हैरान करने वाली बात यह है कि कुल एचआईवी मरीजों में से एक बड़ा हिस्सा हीरानगर, कठुआ और बिलावर ब्लॉक के मरीजों का है। जिला कठुआ के आईसीटीसी सेंटर में मरीजों की जांच कर एचआईवी पाजिटिव होने का पता लगाया जा सकता है। जिसकी निशुल्क जांच की जाती है और पर्ची बनवाने की भी जरूरत नहीं होती। इसके साथ दवा भी निशुल्क यहीं से मिलती है।

जिले में एचआईवी पाजिटिव लोगों के आंकड़े

वर्ष                  पाजिटिव मामले
2007-08                16
2008-09                42
2009-10                39
2010-11                15
2011-12                26
2012-13                17
2013-14                28
2014-15                11
2015-16                09
2016-17                23
2017-18                18
2018-19                19
2019                     19  
(अप्रैल से नवंबर तक)
                        कुल 282

 
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करीब आठ माह में 19 मरीज मिले पाजीटिव

राजकीय मेडिकल कॉलेज कठुआ के एसोशिएटेड अस्पताल के आईसीटीसी सेंटर में इस साल अप्रैल से नवंबर के बीच कुल 3183 मरीजों की जांच की गई है। इनमें 1071 पुरुष, 504 महिलाएं और 1608 गर्भवती महिलाएं शामिल हैं।

आईसीटीसी सेंटर में जांच के दौरान बीते सात महीनों में 19 मरीजों को पाजिटिव पाया गया है। इस साल की गई जांच में एक ही गर्भवती महिला को एचआईवी पाजीटिव पाया गया है।
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