संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में अब बच्चों को पोषण के साथ-साथ शिक्षा, संस्कार और स्वास्थ्य सुविधा के लिए केंद्र सहायक बन रहे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी पंकज कुमार आनंद ने कहा है कि राज्य सरकार का लक्ष्य आंगनबाड़ियों को नवाचारयुक्त बाल विकास केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इससे बच्चों का बचपन संवरेगा और भविष्य मजबूत होगा। हालांकि जिले में 2643 केंद्र हैं इनमें से 200 केंद्रों पर किसी वर्कर या सहायक की तैनाती सुनिश्चित नहीं हो पाई है।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र अब पारंपरिक स्वरूप से निकलकर प्री-स्कूल प्ले लर्निंग स्पेस के रूप में विकसित हो रहे हैं। यहां बच्चों को कहानियों, चित्रों, लोकगीतों और गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता, भाषा विकास और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी जा रही है। आंगनबाड़ी केंद्रों में किशोरी बालिकाओं को माहवारी स्वच्छता, आत्मरक्षा, पोषण और आत्मनिर्भरता के गुर सिखाए जा रहे हैं। वहीं गर्भवती महिलाओं को स्तनपान, नवजात देखभाल और संतुलित आहार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं। पूरक पोषण आहार योजना के तहत बच्चों और महिलाओं को पौष्टिक भोजन जैसे चावल, मूंग, न्यूट्री और मोटे अनाज प्रदान किए जा रहे हैं।
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प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना महिलाओं के लिए लाभकारी
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जानकारी दी कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना का अधिकतर महिलाओं को भरपूर लाभ मिल रहा है। पहले बच्चे के जन्म पर 5000 और वहीं दूसरी बार अगर लड़की जन्म लेती है तो 6000 रुपए उस महिला को दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस योजना का प्रत्येक वर्ष 6000 से अधिक महिलाएं लाभ उठा रही हैं।
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लाडली बेटी योजना महिलाओं की पहली पसंद
उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ जिनका सालाना 75000 से अधिक नहीं है उन्हें ही मिलता है इसमें जो एक अप्रैल 2015 या उसके बाद जन्मी बालिकाओं को ही दिया जाता है। जम्मू-कश्मीर सरकार की ओर से इस योजना के तहत लड़की के एक वर्ष पूरे होने के बाद चौदह वर्ष तक प्रतिमाह एक हजार रुपये की किस्त बैंक खाते में दी जाती है। उसके बाद लड़की के 21 वर्ष पूरे होने के बाद उसे 6.5 लाख रुपये दिया जाता है उन्होंने कहा कि समय अवधि पूर्ण होने के पहले इस पैसे को निकाला नहीं जा सकता है। शायद इसीलिए यह योजना लोगों के बीच पहली पसंद बन चुकी है।