जिला स्तर पर महिला थानों को स्थापित करने के मुद्दे पर राज्य महिला आयोग ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस की।
आयोग की चेयरपर्सन शमीमा फिरदोस नेे बताया कि आयोग में सिर्फ घरेलू उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना से जुड़े मामले ही नहीं, विभागों में होने वाले शोषण से जुड़े मामले भी पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आयोग में जम्मू यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर शालू शर्मा, कश्मीर यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर उल्फत और पुलिस विभाग में डीएसपी पद पर कार्यरत शशि ठाकुर ने अपने विभागों के आला अधिकारियों के खिलाफ शोषण का आरोप लगाया है।
आयोग में इस तरह के मामलों के आने से साफ जाहिर होता है कि विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएं बेशक मर्दों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं, लेकिन पुरुष प्रधान सोच महिलाओं को आगे बढ़ते हुए देखना पसंद नहीं कर रही है।
शमीमा फिरदोस ने बताया कि उन्होेंने गवर्नर एनएन वोहरा को इन सभी मामलों के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर मेंपुरुष प्रधान समाज की सोच में बदलाव बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि आयोग की ओर से राज्य सरकार को कई बार आग्रह किया गया है कि जिले स्तर पर महिला थाने स्थापित किए जाने चाहिए, ताकि जमीनी स्तर पर महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
राज्य सरकार को चाहिए कि वह राज्य पुलिस में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को नियुक्त करे, ताकि छोटी-छोटी समस्याओं से जूझने वाली महिलाओं की परेशानियों का आसानी से निपटारा हो सके और देश की आधी आबादी सुख से जीवन बसर कर सके।