हिमाचल प्रदेश में डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बहने वाली चिनाब दरिया में गुरुवार को एक अधेड़ महिला ने छलांग लगा दी। बताया जाता है कि लठैली की महिला देविका देवी पत्नी स्व. ओमी चंद ने पारिवारिक कलह के कारण ऐसा कदम उठाया।
जानकारी के मुताबिक पारिवारिक विवाद से रूठी महिला देविका गुरुवार की सुबह करीब आठ बजे ही प्रेमनगर में चिनाब दरिया के बीच एक पत्थर पर जाकर बैठ गई। उस समय दरिया में पानी कम था। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि महिला से बात करने का बहुत प्रयास किया गया, परंतु जैसे ही कोई उसकी ओर बढ़ता तो वह दरिया में छलांग लगाने की चेतावनी देने लगती। डर से कोई उसके पास नहीं पहुंच सका।
इस घटना की सूचना मिलते ही चौकी अधिकारी प्रेम नगर, थाना प्रभारी डोडा, कई प्रशासनिक अधिकारी ‘चिनैब रेस्क्यू टीम’ स्थानीय तैराक मुश्ताक शेख और उनके साथी मौके पर पहुंचे। इस दौरान राजमार्ग पर वाहनों की कतार लग गई। आसपास सैकड़ों लोग जमा हो गए। एक समय ऐसा आने लगा कि दरिया में जलस्तर बढ़ने लगा। क्योंकि दुलहस्ती पावर प्रोजेक्ट से भी पानी छोड़ा जाता है।
यह हाई वोल्टेज ड्रामा सुबह आठ बजे से से दोपहर बाद दो बजे तक चला। छह घंटे से ज्यादा सतय तक उस महिला तक पहुंचने का प्रयास किया गया। तभी करीब सवा दो बजे महिला ने सभी के सामने दरिया में छलांग लगा दी और हाथ हिलाकर जैसे मौजूद भीड़ से उसने अंतिम विदाई ली।
तुरंत तैराक दल सक्रिय हुआ उसे बचाने की कोशिश की गई, लेकिन तब तक दरिया की धारा उसे बहा ले गई। देर शाम तक उसका कुछ पता नहीं चला था। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बेटे रो-रोकर मां से लौटने की लगा रहे थे गुहार
मां को बचाने में असफल हो रहे महिला के दो बेटे रो-रोकर अपनी मां से वापस लौट आने की गुहार लगा रहे थे। पर मां का हृदय नहीं पिघल रहा था। छोटे बेटे ने भी दरिया में छलांग लगाने का प्रयास भी किया। लेकिन लोगों ने उसे पकड़ लिया। बाद में गुस्साए परिजनों और लोगों ने पुलिस और तैराकों के साथ धक्का-मुक्की भी की। तैराक मुश्ताक ने कहा ‘लोगों का गुस्सा जायज है। पर हम भी मजबूर हैं। हमारे पास तैराकी का कोई सामान नहीं है। फिर भी हर संभव मदद करने का प्रयास करते हैं।’
महिला को बचाने का पूरा प्रयास किया। हमारे पास अधिक ट्रेंड डाईवर्स नहीं हैं। यही निजी संस्था के तैराक ऐसे समय में बुलाए जाते हैं।
भूपिंद्र कुमार, डीसी