अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। छह महीने से बाहू फोर्ट के रैन बसेरा में रह रही दिल्ली निवासी महिला शमशीता चार साल बाद अपने परिवार से मिली। चार साल पहले वह जम्मू आई थी और इस दौरान वह परिवार से बिछुड़ गई। इस बीच एक दुर्घटना में सिर पर चोट से कोमा में जाने पर उसकी याददाश्त चली गई।
रैन बसेरा प्रबंधकों ने कहा कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। लंबे उपचार के बाद जब उसकी सेहत में सुधार हुआ तो उसने अपने परिवार का पता और मोबाइल नंबर बताया। पुलिस की मदद से उसके परिवार को सूचित कर फोटो भेजा गया। वीरवार को शमशीता का भाई महेश परिवार के साथ रैन बसेरा में पहुंचा। चार साल बाद बहन-भाई एक-दूसरे को देख भावुक हो गए। इस दृश्य ने वहां मौजूद सबकी आंखों में आंसू ला दिए। रमेश ने बताया कि रैन बसेरा ने मेरी बहन का काफी अच्छा ख्याल रखा। हमने इसे ढूंढने की बहुत कोशिश की लेकिन कोई पता नहीं चला। जब जम्मू से फोन आया तो पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। पुलिस की मौजूदगी में शमशीता को उसके परिवार के साथ रवाना कर दिया गया। इस दौरान वार्ड 48 के पार्षद शाम लाल बसन भी मौजूद रहे। ब्यूरो