जिला अदालत के जानीपुर स्थित परिसर में खुला संवेदनशील गवाह बयान केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। अब संवेदनशील मामलों के गवाह बगैर किसी डर अपने बयान दर्ज करा सकेंगे। जिला अदालत के जानीपुर स्थित परिसर में बुधवार को संवेदनशील गवाह बयान केंद्र खुल गया। बतौर मुख्य अतिथि जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अरुण पल्ली ने इस केंद्र का उद्घाटन किया।
इस केंद्र का मकसद गवाहों को डराने-धमकाने से बचाना और गवाही के दौरान उन्हें मानसिक सुरक्षा प्रदान करना है। कोर्ट रूम से अलग यह एक ऐसा विशेष कक्ष होगा जिसमें बच्चों, डरे हुए गवाहों, यौन अपराधों के पीड़ितों, दिव्यांगों के बयान सुरक्षित रूप से तनाव मुक्त वातावरण में दर्ज किए जा सकेंगे। खास बात यह है कि इसमें गवाह और आरोपी आमने-सामने नहीं होते। अक्सर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का इस्तेमाल किया जाता है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने हर जिले में कम-से-कम एक संवेदनशील गवाह बयान केंद्र स्थापित करना अनिवार्य किया है। इस सुविधा का उद्देश्य गवाही के नाम पर गवाहों के उत्पीड़न को रोकना और साक्ष्यों की निष्पक्ष तथा संवेदनशील रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करना है।
अपने संबोधन में चीफ जस्टिस अरुण पल्ली ने कहा कि गवाहों के अधिकारों और गरिमा को बनाए रखने तथा बिना किसी भय के निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के प्रति ये केंद्र न्यायपालिका की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट की जस्टिस सिंधु शर्मा, जस्टिस रजनीश ओसवाल, जस्टिस राहुल भारती, जस्टिस मोक्षा खजूरिया काजमी, जस्टिस राजेश सेखरी, जस्टिस मोहम्मद यूसुफ वानी, जस्टिस शहजाद अजीम, जम्मू-कश्मीर स्पेशल ट्रिब्यूनल के सदस्य यशपाल बर्नी, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल मोहिंदर कुमार शर्मा, जम्मू के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविंदर नाथ वट्टल, रजिस्ट्रार (सतर्कता) राजीव गुप्ता, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल कोतवाल आदि मौजूद रहे।
ये सुविधाएं होंगी केंद्र में
अलग वेटिंग रूम
लाइव-लिंक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग
एक-तरफा दर्पण
बच्चों के अनुकूल बुनियादी ढांचा
बैठने की बेहतरीन व्यवस्था
गोपनीयता के लिए पर्दे या पार्टीशन
कुरुक्षेत्र। खेतों में 33 केवी लाइन के लिए खड़े किए जा रहे बिजली पोल। संवाद
कुरुक्षेत्र। खेतों में 33 केवी लाइन के लिए खड़े किए जा रहे बिजली पोल। संवाद
कुरुक्षेत्र। खेतों में 33 केवी लाइन के लिए खड़े किए जा रहे बिजली पोल। संवाद