जम्मू विश्वविद्यालय के अधीन बेहतरीन प्रदर्शन कर पदक बटोरने वाले खिलाड़ियों को प्रमाणपत्र की दरकार है। विवि के शारीरिक शिक्षा विभाग में पिछले करीब पौने दो साल से सहायक निदेशक का पद खाली पड़ा हुआ है।
अंतर कालेज और अंतर विश्वविद्यालय खेलों के लिए पदक विजेताओं को विभाग की ओर से जो प्रमाणपत्र जारी होते हैं, उन पर सहायक निदेशक और निदेशक के हस्ताक्षर होना जरूरी है, लेकिन सहायक निदेशक का पद खाली होने से विभाग की ओर से छापे गए प्रमाणपत्र के बजाय लेटरहेड ही जारी किए जा रहे हैं।
जिसे विभिन्न संस्थानों की ओर से मान्यता न देने से खिलाड़ियों में रोष है। शारीरिक शिक्षा विभाग हर साल 52 खेलों का अंतर कालेज स्तर पर आयोजन कर रहा है। इसमें विजेता, उपविजेता और तीसरे स्थान के लिए खिलाड़ियों को विभाग की ओर से प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं।
छात्रों को हो रहा भारी नुकसान
इसी तरह अंतर विश्वविद्यालय खेल स्पर्धाओं में शिरकत करने वाले खिलाड़ियों को भी मेजबान विवि के बाद शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से हिस्सेदारी का प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। इन्हीं प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों सहित सेना, अर्द्धसैनिक बल और अन्य दूसरे संस्थानों में नौकरी और अन्य कोर्स करने का मौका मिलता है।
इनमें कई संस्थान तो विवि की ओर से जारी लेटर हेड को मान्यता दे रहे हैं, लेकिन सेना और अर्द्ध सैनिक बल ने ऐसे लेटरहेड को मान्यता देने से इंकार किया है। इस बीच सोमवार को भी शारीरिक शिक्षा विभाग में तीन खिलाड़ियों ने पहुंचकर लेटरहेड के बजाय असली प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की। तीनों ने लेटरहेड को सेना द्वारा न माने जाने की बात कही।
सालों से पीटीआई का पद भी खाली
विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग में खेलों सहित अन्य गतिविधियों को चलाने के लिए फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर (पीटीआई) अहम भूमिका निभाता है, लेकिन विभाग में 2005 से पीटीआई का पद खाली पड़ा हुआ है। इससे खेल गतिविधियों को कितनी गति मिल रही है, इसका सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। खेल गतिविधियों के साथ कैंप, कोचिंग और अन्य गतिविधियों में भी पीटीआई का योगदान रहता है।
विभागीय उच्चाधिकारियों को अवगत कराया: निदेशक
जम्मू विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग के निदेशक प्रो. ध्यान सिंह भाऊ का कहना है कि सहायक निदेशक का पद भरने के लिए कई बार विभागीय उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। सहायक निदेशक का पद खाली होने से विजेता खिलाड़ियों को लेटरहेड पर ही प्रमाणपत्र जारी करना मजबूरी है।