बारिश में सड़क टूटी तो बच्चों को स्कूल जाने में हो रही थी दिक्कतें
सुंब ब्लॉक के सोडम गांव में सड़क बन रही थी ग्रामीणों को मुसीबत
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के सुंब ब्लाक के दूर दराज पहाड़ी क्षेत्र सोडम गांव की बारिश के बाद टूटी सड़क पूरे गांव वालों की मुसीबत बनी थी। सबसे ज्यादा परेशान स्कूल जाने वाले बच्चे थे। गांव वालों ने तमाम शिकायतें कीं फिर भी अफसरों ने नहीं सुना। मजबूर होकर हाथ में कलम थामने वाले बच्चों ने हाथों से पत्थर उठाकर सड़क के गड्ढों में भरे और खुद रास्ता बनाया। फिर भी अभी तक प्रशासन के किसी अधिकारी का सड़क ठीक कराने के लिए दिल नहीं पसीजा है।
जिले के सुंब ब्लॉक के दूरदराज पहाड़ी क्षेत्र सोडम गांव में बारिश के बाद सड़क की स्थिति बदहाल है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को उठानी पड़ रही है।
ग्रामीण प्रकाश सिंह, बलकार सिंह, दिनेश सिंह के अनुसार मंगलवार को हुई बारिश के बाद सड़क इतनी खराब हो गई कि बच्चों को स्कूल पहुंचने के लिए गड्ढों में स्वयं पत्थर भरकर रास्ता बनाना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी यह सड़क कुछ ही वर्षों में जर्जर हो गई है और हर बारिश के बाद हालात और खराब हो जाते हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उनका कहना है कि सड़क की खराब हालत के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों और अन्य ग्रामीणों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से कई बार मांग की है कि सड़क का तत्काल निरीक्षण कराया जाए और जांच की जाए कि सड़क कब बनी, किस योजना के तहत इसका निर्माण हुआ, निर्माण पर कितनी राशि खर्च हुई तथा इतनी कम अवधि में सड़क की हालत खराब होने के कारणों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। लेकिन अधिकारी सुन ही नहीं रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक सड़क का मामला नहीं, बल्कि बच्चों की शिक्षा, ग्रामीणों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। प्रशासन से जल्द कार्रवाई की उम्मीद जताई गई है।