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मन था जिंदा न जाए अजहर मसूद: आज भी उसका चेहरा याद है, जानें IC 814 कंधार हाईजैकिंग पर क्या बोले पूर्व DIG?

Thu, 05 Sep 2024 10:53 AM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

25 साल पहले 1999 में हुए कंधार हाईजैक पर जम्मू के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) रहे एसपी वैद (वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक) ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी मौलाना मसूद अजहर की रिहाई देश के लिए सबसे शर्मनाक क्षण था।
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पूर्व डीआईजी एसपी वैद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एसपी वैद ने 1999 में हुए आतंकवादी अजहर मसूद की रिहाई को लेकर चुप्पी तोड़ी। एसपी वैद ने कहा कि 1999 में कुख्यात आईसी-814 अपहरण के दौरान बंधकों के बदले आतंकवादी मौलाना मसूद अजहर की रिहाई देश के लिए सबसे शर्मनाक क्षण था।

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मीडिया से बातचीक के दौरान कहा कि आतंकियों ने सबसे पहले कई आतंकियों की रिहाई की मांग की। ये सभी मांगें आईएसआई के कहने पर की गई थीं, लेकिन काफी कड़ा समझौता हुआ। हमारे जितने भी लोग इसमें शामिल थे। उन्होंने उस समय काफी कड़ा समझौता किया और आखिरकार ये तय हुआ कि तीन आतंकियों को छोड़ा जाएगा।
 

आगे कहा कि उनमें से एक मसूद अजहर था। जब मैं उसे लेने गया तो मसूद के चेहरे पर बहुत ही घिनौनी मुस्कान थी। मेरा मन तो करता था किसी तरह से ये जिंदा यहां से ना जाए। नेपाल के काठमांडू में त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से 154 यात्रियों को लेकर दिल्ली जा रहे विमान को पांच आतंकवादियों ने अपने कब्जे में ले लिया था। जिन्होंने इसे अमृतसर, लाहौर और दुबई सहित कई स्थानों पर उतरने के लिए मजबूर किया। लेकिन आखिर में अफगानिस्तान के कंधार में उतारा गया। यह दर्दनाक घटना सात दिनों तक चली। जिसके दौरान एक बंधक की मौत हो गई और दूसरा बुरी तरह घायल हो गया।
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