फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jammu Kashmir: हत्यारे को बना दिया दूत, यासीन मलिक के दावे पर भड़के पूर्व DGP वैद

Sat, 20 Sep 2025 11:21 AM IST
निकिता गुप्ता अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

लिबरेशन फ्रंट प्रमुख यासीन मलिक के इस दावे पर कि उसने पाकिस्तान में हाफिज सईद से मुलाकात कर पीएम मनमोहन सिंह को जानकारी दी थी, पूर्व पुलिस महानिदेशक एस.पी. वैद ने आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे राष्ट्र के लिए शर्मनाक बताते हुए सवाल उठाया कि एक हत्यारे को शांति प्रक्रिया में कैसे शामिल किया गया।
विज्ञापन
एस.पी. वैद - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जम्मू-कश्मीर के पूर्व पुलिस महानिदेशक एस.पी. वैद ने आतंकवाद से जुड़े मामलों में दोषी ठहराए गए जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट प्रमुख यासीन मलिक के हालिया दावों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। वैद ने यासीन के उस बयान को शर्मनाक बताया है जिसमें उसने कहा कि उसने पाकिस्तान जाकर लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख हाफिज सईद से मुलाकात की थी और लौटकर तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को इस बारे में जानकारी दी थी।

विज्ञापन


एएनआई से बातचीत में एस.पी. वैद ने कहा इससे ज्यादा शर्मनाक क्या हो सकता है? एक ऐसा व्यक्ति, जिसने हमारे वायुसेना के पांच जवानों और कश्मीरी पंडितों की हत्या की, उसे राजनयिक भूमिका में इस्तेमाल किया गया?

Trending Videos
विज्ञापन

यासीन मलिक ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक हलफनामे के जरिए दावा किया है कि वह आतंकवादी नहीं, बल्कि भारत की छह सरकारों, वीपी सिंह से लेकर मनमोहन सिंह तक द्वारा कश्मीर मुद्दे पर शांति वार्ता में शामिल किया गया था। उसका कहना है कि इंटेलिजेंस ब्यूरो के तत्कालीन स्पेशल डायरेक्टर अजीत डोभाल ने 2000 के दशक की शुरुआत में जेल में उससे मुलाकात की और वाजपेयी सरकार की तरफ से शांति प्रक्रिया में हिस्सा लेने का प्रस्ताव दिया था।

मलिक का दावा है कि इसके बाद उसे आईबी डायरेक्टर श्यामल दत्ता और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ब्रजेश मिश्रा से भी मिलवाया गया, जिन्होंने रमजान के दौरान सीजफायर को लेकर उसका समर्थन मांगा।

 वैद ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा,हाफिज सईद जैसे भारत विरोधी और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन के सरगना से बात करने के लिए एक कातिल को भेजना, ये कैसी कूटनीति थी? मैं देश की जनता पर छोड़ता हूं कि वे तय करें उन्हें कैसी सरकार चाहिए।

यासीन मलिक उम्रकैद की सजा काट रहा है और एनआईए ने उसके लिए फांसी की सजा की मांग करते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की है। मलिक ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए दावा किया कि उसे शांति प्रयासों का हिस्सा बनाया गया था, लेकिन बाद में उन्हीं मुलाकातों को षड्यंत्र की तरह पेश किया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें