विजयपुर। क्षेत्र में रविवार को बादल तो छाए, लेकिन बारिश नहीं हुई। मात्र बूंदाबांदी हुई। इससे किसान वर्ग काफी परेशान हो गया है। किसानों को उम्मीद थी कि जितने बादल हैं वह बरसेंगे, लेकिन बिन बरसे ही बादल उड़ गए। बूंदाबांदी से सर्दी में तो इजाफा हुआ लेकिन किसानों को कोई लाभ नहीं हुआ। किसानों ने बताया कि हम लोगों को इस बार पूरी उम्मीद थी कि बारिश होगी, लेकिन बारिश नहीं हुई जिस कारण हमारे खेत सूखे हैं। संवाद
दिन भर बादल छाए होने के साथ बूंदाबांदी ने बढ़ाई सर्दी
आरएस पुुुरा। उपजिले में रविवार को सर्दी में हुई बढ़ोतरी के चलते लोगों को दिनभर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग की ओर से पहले ही बारिश की संभावना जताई गई थी। दिन निकलने के साथ ही बादल छाए होने के बाद दिन भर बूंदाबांदी होने पर सर्दी में बढ़ोतरी होने पर काफी कम लोग रविवार की छुट्टी होने पर काफी कम संख्या में बाहर निकले।
अचानक शीतलहर में बढ़ोतरी के चलते रविवार को बाजारों में कम लोग नजर आए। रविवार को बाजार में सुबह जरूर भीड़ देखी गई। यहां लोग गर्म कपड़ों सहित अन्य जरूरत का समान खरीदते दिखे। संडे बाजार में खरीदारी करने के लिए पहुंचीं अर्चना ने बताया कि सर्दी में दो दिन से बढ़ोतरी होने पर गर्म कपडे़ खरीदने के लिए यहां पहुंची हैं। उन्होंने बताया कि संडे सेल में अन्य दुकानों के मुकाबले कम कीमत होने पर खरीदारी करने के लिए पहुंचते हैं। कस्बे में रेडिमेट कपड़ों की दुकान चला रहे विक्रम संधू ने कहा कि इस बार काफी कम सर्दी होने पर कारोबार भी प्रभावित हुआ। अब पहाड़ो पर बर्फबारी होने पर मैदानी क्षेत्र में सर्दी में बढ़ोतरी होने पर शीत लहर चल रही, जिससे आने वाले दिनो में कारोबार बेहतर रह सकता है।
वही किसान औम प्रकाश, राजेन्द्र सिंह का कहना है कि इस वार जरूरत के मुताविक वारिश नही होने पर किसानों को दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा था। रविवार को अस्मान पर गहरे वादल होने जरूर बूंदाबांदी हो रही पर खुलकर वारिश नही होने किसानों का इससे कोइ लाभ नही होगा। उन्होने कहाकि इतना जरूर है कि शुष्क सर्दी से लोगो को बूंदाबांदी से कुछ हद तक राहत मिल सकती है। किसान सरदारी लाल का कहना है कि अगर चार- पांच घंटे तक अच्ठी वारिश होती है तो किसानों द्वारा खेतो में लगाई गेहूं व सवजियो के लिए वेहतरी होगी।
बूंदाबांदी के बाद भी किसान निराश
नहीं मिली खेतों को नमी
अरनिया। दो माह से अधिक समय तक बारिश की आस लगाए बैठे किसानों को रविवार को हुई बूंदाबांदी होने पर भी निराशा ही हाथ लगी। रविवार सुबह से ही बादल छाए रहने से बारिश की आस लगाए बैठे किसानों के चेहरों पर रौनक लौटना शुरू हो गई। दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई। जो देर शाम खबर लिखे जाने तक जारी रही।
देस राज, भूषण सैनी, ओम प्रकाश, नीरज भगत, तीर्थ सिंह, रमेश सिंह व मंजीत सिंह आदि क्षेत्र के किसानों का कहना है कि गेहूं रोपाई से लेकर आज तक बारिश नहीं हुई। रविवार को घने बादलों के बाद दोपहर बाद शुरू हुई बूंदाबांदी से आस बंधी जरूर, मगर देर शाम तक बारिश का रूप धारण नहीं कर सकी, जिससे दो माह बाद भी निराशा ही हाथ लगी।
किसानों के अनुसार 23 अक्टूबर को भारी बारिश व ओलावृष्टि के बाद आज तक बारिश की एक बूंद भी नहीं गिरी।
हालांकि आज हल्की बूंदाबांदी जरूर हो रही है मगर इससे खुश्क हो चुके खेतों में नमी के आसार नहीं दिख रहे, जिससे इस बार गेहूं फसल के उत्पादन में कमी जरूर रहेगी। हालांकि अभी भी आसमान पर बादल छाए हुए हैं और पहले की तरह अभी भी आसमान से हल्की हल्की बूंदे गिर रही हैं जिससे रात को बारिश की आस शायद पूरी हो जाए।