अरनिया। चार दिन से तापमान में हो रही बढ़ोतरी से लोगों का जीना मुहाल हो रहा है। वहीं धान फसल पर भी इसका विपरीत असर पड़ेगा। बुधवार को भी सुबह करीब आठ बजे उमस ने अपना रंग दिखाते हुए लोगों को पसीने से तर बतर करना शुरू कर दिया। जो शाम तक जारी रहा।
दूसरी ओर उमस से मानसून के कमजोर रहने से विश्व विख्यात बासमती की फसल पर भी विपरीत असर पड़ना शुरू हो चुका है। रमन कुमार, जय कुमार, अंशु सैनी, अमन चौधरी व सांबरिया मोहन आदि क्षेत्र के किसानों का कहना है कि इस साल में धान फसल पर शुरुआती दौर में ही सूखे का संकट छाया रहा, फिर भी अन्य विकल्पों से किसी तरह धान रोपाई कर दी थी। मगर इस बार मानसून के कमजोर रहने से सूखे की चुनौती और बढ़ जाएगी। वहीं आने वाले दिनों में दूर-दूर तक बारिश के आसार कम ही लग रहे हैं। ऐसे में धान फसल को अंतिम पड़ाव तक पहुंचाना भी चुनौती रहेगी, जिससे हमें नुकसान उठाना पड़ सकता है।