आरएस पुरा /मीरां साहिब। शुक्रवार की रात आंधी के चलते कई स्थानों पर बिजली के पोल व तार टूट जाने पर रात भर बिजली ठप रही। इस कारण लोगों को कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शनिवार सुबह कई गांव व कस्बों में सेवा बहाल हो पाई।
कई दिन से पड़ रही गर्मी से लोगों का जीना मुहाल होने पर लोग बारिश का इंतजार कर रहे थे। शुक्रवार को आंधी के बाद हुई बारिश लोगों को गर्मी से कुछ हद तक राहत मिली, लेकिन रातभर बिजली ठप रही। शनिवार को बिजली विभाग की ओर से कई स्थानों पर पोल व तार टूटे होने पर ठीक कर बिजली सेवा बहाल की गई। आंधी के चलते कई बागों में लगे फल झड़ने पर किसानों को नुकसान उठाना पड़ा। कई स्थानों पर पेड़ों की डालियां टूटने पर शनिवार को पेड़ों की टूटी डालियों की कटाई करने के साथ फलों को एकत्र करते हुए किसान नजर आए।
किसान सरदारी लाल ने बताया कि आंधी आने पर आम टूटने पर काफी नुकसान उठाना पड़ा। इस समय लगभग आम पककर तैयार थे। पेड़ से गिरने पर आम चोट लगने से दागी हो जाते हैं और फिर वह मंडी में नहीं बिक पाते। किसान ओमपाल ने कहा किधान लगाने के लिए जिस प्रकार की बारिश होनी चाहिए थी नहीं हो पाई, पर इस बारिश गर्मी से लोगों को कुछ हद तक राहत मिली है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में बारिश होती है तो किसानों को धान लगाने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध होने पर राहत मिलेगी।
आंधी से मकान की छत उड़ी, बिजली आपूर्ति भी प्रभावित
आरएस पुरा। उपजिले में कस्बे और आसपास के क्षेत्र में शुक्रवार रात को आई आंधी से जिंदड़ मेहलू गांव में एक मकान की छत उड़ गई। घटना के दौरान मकान के अंदर सो रहे सभी सदस्य बाल-बाल बच गए।
शुक्रवार रात आए आंधी से गांव जिंदड़ मेहलू निवासी रमेश लाल के मकान की छत उड़ गई। घटना के दौरान रमेश लाल और उनके परिजन घर के अंदर सो रहे थे। गनीमत यह रही कि छत उड़कर दूसरी तरफ जा गिरी अन्यथा अनहोनी हो सकती थी। रमेश लाल ने प्रशासन से मांग करते हुए सहायता का आग्रह किया। गांव पूरोबाना, आरएस पुरा कस्बे सहित कई गांव में बिजली आपूर्ति आंधी तूफान के कारण बाधित रही। गांव पूरोबाना के सरपंच दर्शन चौधरी ने बताया कि आंधी से बिजली आपूर्ति काफी हद तक प्रभावित हुई है। उन्होंने बताया कि उनके गांव में भी बिजली को काफी नुकसान हुआ है। बिजली विभाग एई राज कुमार ने बताया कि बिजली सेवा बहाल करने के लिए काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। शाम तक सेवा बहाल की जाएगी।
आंधी से कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई
अखनूर। क्षेत्र में शुक्रवार रात बारिश और आंधी से कई गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। जो शनिवार शाम तक भी कई क्षेत्रों में सुचारु नहीं हो सकी। कई क्षेत्र में बारिश भी हुई। इससे मौसम सुहाना हो गया। लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं आम की फसल को नुकसान हुआ। शुक्रवार को आंधी से कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए। लोगों को बड़ी परेशानी का समाना करना पड़ा। अखनूर में सात घंटे बिजली आपूर्ति ठप रही।
लोगों का कहना है कि आंधी से आम की फसल को भी नुकसान हुआ है। पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। संवाद
आंधी से बिजली कई गांवों में बंद रही
अखनूर। क्षेत्र में शुक्रवार रात्रि बारिश, आंधी से बिजली कई गांवों में बंद रही। हालांकि बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं आम की फसल को नुकसान हुआ। आंधी से कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए। लोगों को बड़ी परेशानी का समाना करना पड़ा। क्षेत्र के कई हिस्सों में बारिश भी हुई। लोगों का कहना है कि आंधी से चलने आम की फसल को नुकसान हुआ है। संवाद
बारिश से लोगों को गर्मी से मिली राहत
विजयपुर। शनिवार को क्षेत्र में तेज बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। साथ ही मौसम भी सुहाना हो गया। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि गर्मी के कारण जीना दुश्वार था। कुछ दिन से लगातार गर्मी पढ़ने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। बच्चे, बुजुर्ग भी परेशान थे। क्योंकि गर्मी इतनी थी कि लोगों का घरों से बाहर निकलना दुश्वार था। सड़कें और बाजार भी सुनसान थे। इस बारिश से हर वर्ग ने राहत की सांस ली है। संवाद
रामगढ़ में दर्जनों गांव में 15 घंटे बिजली रही गुल
रामगढ़। सीमावर्ती गांव नंदपूर, जेंडरा, दग छनी, रामगढ़, कमोर कैंप, रंगूर कैंप, खोड सलारया, कोटली मटकालिय, अवताल, कमोर, चक छटाका, हिरा चक, महाराज पूर, में शुक्रवार शाम को आई आंधी और बारिश से बिजली गुल हो गई। जो लगभग 15 घंटे ठप रही। सीमावर्ती गांव के लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
लोगों का कहना है कि हमारे क्षेत्र में बारिश और थोड़ी सी अंधी से बिजली गुल हो जाती है। शुक्रवार को पूरा रात बिजली न होने से हमारे क्षेत्र में बिजली से चलने वाली चारा काटने की मशीनें बंद रही। कोई काम काज नहीं हुआ। पशुओं को पानी पिलाने और चारा तक नहीं कांट पाए। हमारे क्षेत्र के किसान इस समय धान की रोपाई का काम कर रहे हैं। इस समय बिजली पानी की जरूरत होती है। वहीं किसान ओमप्रकाश चौधरी, मोहन सिंह भट्टी, भगवान चौधरी, तेजिंदर सिंह, बलबंत सिंह ने कहा कि क्षेत्र के किसानों को बस इन दिनों पानी की जरूरत होती है। संवाद