- प्रदेश में अब तक 245 मामले मिल चुके, जम्मू अधिक प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। बारिश और बाढ़ थमने के बाद अब मच्छरों की चुनौती रहेगी। विशेषज्ञों के अनुसार जिन स्थानों पर अभी पानी जमा है वहां हफ्ते के भीतर मच्छरों को पनपने में मदद मिलेगी। इससे 15 सितंबर के बाद डेंगू के मामलों में वृद्धि होने की आशंका है। सामान्य तौर पर अक्तूबर के मध्य में डेंगू पीक पर रहता है। हालांकि राहत यह है कि वर्तमान में शहर के नगर निगम क्षेत्र में अब तक 55 डेंगू के मामले मिल चुके हैं जो 2024 में 104 थे।
पिछले एक हफ्ते में शहर के विभिन्न स्थानों में डेंगू के मामलों में उछाल आया है। गत 30 अगस्त को 15, 1 सितंबर को 22 और 3 सितंबर को 32 मामले मिले हैं, यानी रोजाना औसतन 25 से 30 मामले मिल रहे हैं। अस्पतालों में संदिग्ध बुखार के पीड़ितों की संख्या बढ़ रही है। इस सीजन जम्मू संभाग में अब तक 245 डेंगू के मामले मिल चुके हैं। इसमें जम्मू जिला में सर्वाधिक 80 मामले हैं। कठुआ में 68 मामले मिले हैं। स्टेट मलेरियाजिस्ट डाॅ. डीजे रैना के अनुसार डेंगू को लेकर स्थिति नियंत्रण में है। पिछले साल के मुकाबले अभी कम मामले मिले हैं, लेकिन सतर्कता बरतना जरूरी है। खासतौर पर जिन क्षेत्रों में अभी पानी जमा है वहां ड्राई किया जाना जरूरी है। डेंगू के मच्छर को बनने में 6-8 दिन लग जाते हैं। लोगों को घरों की छतों और दूसरे बाहरी जगहों पर जमा पानी को तुरंत बहा देना चाहिए।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 11 सितंबर तक फागिंग अभियान
जम्मू। नगर निगम की ओर से शहर के उत्तर और दक्षिण जोन में 11 सितंबर तक थर्मल फागिंग अभियान चलाया गया है। इनमें दोनों स्थानों पर तीन-तीन ऑटो के माध्यम से फागिंग की जा रही है। एक जोन में वार्ड 2, 3, 5, 6, 7, 19, 40, 41, 61, 65, 71, 72 और राजीव नगर विक्रम चौक शामिल हैं। इसी तरह दूसरे जोन में वार्ड 42, 43, 44, 46, 68, 70 और 74 शामिल हैं।