अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में लंबे समय बाद मंगलवार को एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ। इससे प्रदेश के कई मैदानी इलाकों में बारिश और पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गुलमर्ग के अलावा राजदान पास, साधना टाॅप व अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में सफेद चादर बिछ गई है।
प्रदेश में 26 से 28 फरवरी की अवधि में मौसम अधिक खराब रहने पर भारी बारिश-बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है। मौसम में बदलाव से पारे में गिरावट आई है। मार्च के शुरू में भी मौसम का मिजाज बदला रहेगा। आपात प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए जम्मू व कश्मीर दोनों संभागों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। श्रीनगर में दोपहर बाद से रुक-रुककर बारिश जारी रही।
घाटी के अन्य मैदानी इलाकों में भी पानी बरसा। श्रीनगर में दिन का पारा 10.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पहलगाम में अधिकतम तापमान 10.3 और गुलमर्ग में 4.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जम्मू, सांबा, कठुआ व अन्य जिलों में भी बारिश हुई। दिनभर बादल छाए रहे। जम्मू में अधिकतम पारा सामान्य से 5.2 डिग्री गिरकर 17.9 और न्यूनतम 13.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
-
एडवाइजरी के तहत सफर पर निकलें यात्री व ट्रांसपोर्टर
मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार साधना पास, राजदान पास, सोनमर्ग-जोजिला-गुमरी एक्सि, मुगल रोड, सिंथन पास और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में संपर्क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। पर्यटकों, यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों को प्रशासन व यातायात विभाग की एडवाइजरी के तहत यात्रा करने की सलाह दी है। किसानों को 28 फरवरी तक सिंचाई व अन्य कृषि गतिविधियां स्थगित रखने को कहा गया है।
-
-
जम्मू व श्रीनगर में हेल्पलाइन नंबर जारी
प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि प्रतिकूल मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें। राजस्व, पीडब्ल्यूडी, शहरी स्थानीय निकाय, जलशक्ति, स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभागों को बर्फ हटाने और संबंधित कार्यों के लिए जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं। जम्मू में किसी भी आपातकालीन सहायता के लिए 2520542, 2571616 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जिला आपातकालीन संचालन केंद्र श्रीनगर में 0194-2483651, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग में 0194-2502946, दमकल विभाग में 0194-2453224 व यातायात विभाग में 0194-2450022 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए मशीनरी और मैनपावर तैयार रखें : मंडलायुक्त
श्रीनगर। मंडलायुक्त विजय कुमार बिधुड़ी ने मंगलवार को झेलम नदी के बाढ़ के खतरे वाले क्षेत्रों की पहचान और अधिसूचना के लिए बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को खराब मौसम के अनुमान को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने और घाटी में आवश्यक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति के लिए मशीनरी व मैनपावर तैयार रखने का निर्देश दिया। इसमें पुलवामा, श्रीनगर, बडगाम, बांदीपोरा व गांदरबल के उपायुक्तों के अलावा सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने सितंबर 2014 की बाढ़ में प्रभावित क्षेत्रों, भूमि उपयोग के साथ होकसर वेटलैंड, नौगाम, हिगम, आंचर, वुलर झील, व झेलम नदी के तट की समग्र स्थिति और मानचित्र प्रस्तुत किया। संभावित बाढ़ के प्रभाव को कम और नियंत्रित करने के मुद्दों पर चर्चा की। मंडलायुक्त ने सभी डीसी को निर्देश दिए कि सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण, वन व राजस्व विभागों के साथ बैठकें कर बाढ़ बेसिन क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर प्रस्ताव तैयार करें, ताकि इन क्षेत्रों की अधिसूचना की जा सके।