जम्मू। पश्चिमी विक्षोभ ने कई साल बाद भीषण गर्मी वाले मई महीने के तेवर इस बार नरम बनाए रखे। पिछले कुछ वर्षों में सामान्यत : करीब पंद्रह दिन चालीस डिग्री को छूने वाले मई महीने में इस बार सात दिन ही तापमान ने इस आंकड़े को छुआ। नतीजतन मई 2020 गर्मी के तेवर दिखाए बिना ही गुजर गया। मई में सामान्य गर्मी न होने का असर खरीफ सीजन की फसलों को प्रभावित कर सकता है।
शेरे कश्मीर यूनिवर्सिटी आफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेकभनोलॉजी के एग्रोमेट डिवीजन के आंकड़ों के अनुसार मई माह में तापमान का उच्चतम स्तर सात बार ही 40 डिग्री तक पहुंच पाया। 21 मई से लेकर 27 मई तक तापमान लगातार 40 डिग्री के पार रहा। जबकि सामान्य तौर पर मई माह में तापमान 10 से 15 दिन तक 40 डिग्री या अधिक रहता है।
---
कब रही सबसे ज्यादा गर्मी
पिछले चार दशक में वर्ष 1984 का मई महीना सबसे ज्यादा गर्म रहा। उस दौरान मई में 40 डिग्री से अधिक तापमान वाले 22 दिन थे। इसी तरह से वर्ष 1988 में 20 और 2002 में 21 दिन तक तापमान चालीस डिग्री से अधिक रिकॉर्ड किया गया।
---
सामान्य औसत से डेढ़ डिग्री
कम रहा अधिकतम तापमान
मई माह में अधिकतम तापमान की सामान्य औसत 37.9 डिग्री है, जबकि जम्मू के चट्ठा में यह 36.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पिछले चौदह साल में यह चौथी बार हुआ है जब मई माह में अधिकतम तापमान की औसत इतनी कम रही है। वर्ष 1997 में 35.2, वर्ष 2005 में 35.6 और वर्ष 2014 में 35.8 की औसत रिकॉर्ड की गई थी।
---
कोट
मौसम चक्र में गर्मी का अपना महत्व है। कृषि और बागवानी का फसल चक्र इस पर निर्भर करता है। इस साल मई माह सामान्य औसत से काफी ठंडा रहा है। इसका असर खरीफ की फसलों को प्रभावित करेगा।
- डॉ. महेंद्र सिंह, प्रभारी एग्रोमेट डिवीजन स्कॉस्ट जम्मू